Latest News

मुंबई: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने सोमवार को पुणे में एमपीएससी अभ्यर्थियों से मुलाकात कर जाति और धर्म की राजनीति से बाहर निकलने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकारी व्यवस्था की नाकामी के कारण युवाओं के जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष बर्बाद हो रहे हैं। नेताओं के दिन बीत जाते हैं, लेकिन युवाओं की जिंदगी के पांच साल हर चुनाव के साथ निकल जाते हैं।

राज ठाकरे ने कहा कि वह कई वर्षों से युवाओं से जाति की राजनीति में नहीं पडऩे की अपील कर रहे हैं। उन्होंने कहा, अगर आपका समय जाति की राजनीति में बर्बाद होगा तो आप अपने माता-पिता को क्या जवाब देंगे? हम जाति की राजनीति में पड़ गए हैं, हिंदू-मुस्लिम की राजनीति में पड़ गए हैं। पहले इससे बाहर निकलना जरूरी है। उन्होंने एमपीएससी अभ्यर्थियों की 70 हजार युवाओं की भर्ती की मांग का भी उल्लेख किया। ठाकरे ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए यह मांग पूरी होना आसान नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार कोई भी हो, युवाओं को रोजगार मिलना जरूरी है और उन्हें वास्तविक स्थिति को समझना चाहिए। ठाकरे ने कहा कि वह पिछले 22 वर्षों से मांग कर रहे हैं कि महाराष्ट्र में नौकरियां राज्य के बेटे-बेटियों को प्राथमिकता के आधार पर मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा होता तो युवाओं को इस तरह आंदोलन करने की जरूरत नहीं पड़ती। आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियां ही कम होती जा रही हैं और दूसरी ओर सरकारी उपक्रमों का निजीकरण किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी क्षेत्र में आरक्षण की व्यवस्था नहीं है। राज ठाकरे ने चुनावी राजनीति पर भी निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव के समय मतदाताओं को पैसे, भोजन और शराब बांटकर प्रभावित किया जाता है। उन्होंने कहा कि जब तक नेताओं की यह गलतफहमी दूर नहीं होगी कि पैसे के बल पर वे चुनाव जीत सकते हैं, तब तक युवाओं को न्याय नहीं मिलेगा।


Weather Forecast

Advertisement

Live Cricket Score

Stock Market | Sensex

Advertisement