मुंबई : मुलुंड ईस्ट में भीषण आग, मजदूरों के शेड में 7 गैस सिलेंडर फटे
मुंबई। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के मुलुंड ईस्ट इलाके में गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग बृहन्मुंबई महानगरपालिका की परियोजना प्रभावित लोगों के पुनर्वास से जुड़ी निर्माणाधीन इमारत के पास बने मजदूरों के अस्थायी शेड में लगी। घटना के दौरान सात गैस सिलेंडरों में विस्फोट होने की जानकारी सामने आई है। विस्फोट के बाद आग की लपटें तेजी से फैलने लगीं और आसमान में काले धुएं का गुबार उठ गया। सूचना मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। राहत कार्य में करीब 15 दमकल गाड़ियों के शामिल होने की जानकारी मिली है। अधिकारियों के अनुसार, मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और शुरुआती रिपोर्ट में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
मुलुंड ईस्ट के टाटा नगर इलाके में लगी आग
घटना मुंबई के मुलुंड ईस्ट स्थित टाटा नगर क्षेत्र में हुई। यहां नवघर रोड पर पूर्वा नगर इमारत के पीछे परियोजना प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण स्थल के पास मजदूरों के रहने के लिए अस्थायी शेड बनाए गए थे। गुरुवार दोपहर इन्हीं शेड में अचानक आग लग गई। आग लगते ही वहां मौजूद मजदूरों और आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही समय में आग की लपटें तेज हो गईं और इलाके में धुएं का गुबार दिखाई देने लगा।
घटना के वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। दोपहर 1:54 बजे दमकल विभाग को मिली सूचना मुंबई फायर ब्रिगेड के अनुसार, गुरुवार दोपहर करीब 1 बजकर 54 मिनट पर आग लगने की सूचना नियंत्रण कक्ष को मिली। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। आग की गंभीरता को देखते हुए राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। दमकल कर्मचारियों ने मजदूरों के शेड में लगी आग पर पानी की बौछार कर उसे नियंत्रित करने का प्रयास किया।
दोपहर करीब 2 बजकर 5 मिनट पर दमकल विभाग ने इस घटना को लेवल-वन श्रेणी की आग घोषित किया। यह जानकारी मुंबई फायर ब्रिगेड के प्रारंभिक विवरण में सामने आई है। सात गैस सिलेंडरों में विस्फोट की सूचना इस घटना में सबसे चिंताजनक बात गैस सिलेंडरों में विस्फोट होना रहा। रिपोर्टों के अनुसार, मजदूरों के अस्थायी आवासीय परिसर में आग लगने के बाद सात गैस सिलेंडरों में विस्फोट हुआ। विस्फोट की वजह से आग की तीव्रता बढ़ गई।
मुंबई पुलिस के जोन-3 के पुलिस उपायुक्त अभयसिंह देशमुख के हवाले से बताया गया कि शुरुआती तौर पर परिसर में छोटी आग लगने और उसके बाद गैस सिलेंडर में विस्फोट होने की आशंका है। हालांकि, आग लगने का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। इसकी पुष्टि संबंधित जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया आग लगने के बाद मजदूरों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटनास्थल पर मौजूद मजदूरों और अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। प्रारंभिक जानकारी में किसी व्यक्ति की मौत या घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, आग लगने के समय अस्थायी शेड में कुल कितने मजदूर मौजूद थे, इसका सटीक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। सुरक्षा एजेंसियों ने प्रभावित क्षेत्र से लोगों को हटाकर दमकल कर्मचारियों के लिए रास्ता उपलब्ध कराया। इससे राहत और बचाव कार्य संचालित करने में मदद मिली। 15 दमकल गाड़ियों ने संभाला मोर्चा आग की सूचना मिलने के बाद दमकल विभाग ने व्यापक स्तर पर राहत अभियान चलाया। रिपोर्टों के अनुसार, करीब 15 दमकल गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं। इसके अलावा एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं को भी बुलाया गया। मुंबई फायर ब्रिगेड के साथ स्थानीय पुलिस, बिजली वितरण कंपनी और बीएमसी के संबंधित वार्ड कर्मचारियों ने भी राहत कार्य में सहयोग किया। दमकल कर्मियों ने आग को आसपास के क्षेत्रों में फैलने से रोकने के लिए कार्रवाई की। बाद की रिपोर्टों में आग पर नियंत्रण पा लेने की जानकारी सामने आई। सोशल मीडिया पर सामने आए आग के वीडियो मुलुंड ईस्ट में लगी भीषण आग के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से सामने आए। वीडियो में निर्माणाधीन परियोजना के पास धुएं का बड़ा गुबार उठता दिखाई दिया। आसपास रहने वाले लोगों ने भी घटना की तस्वीरें और वीडियो साझा किए। कुछ स्थानीय लोगों ने आग लगने के दौरान विस्फोट जैसी आवाज सुनने की बात कही। इन सूचनाओं के बाद क्षेत्र में आग लगने की घटना चर्चा का विषय बन गई। हालांकि, सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो से अकेले आग के वास्तविक कारण या नुकसान की पूरी पुष्टि नहीं की जा सकती। परियोजना प्रभावित लोगों के लिए बन रही है इमारत जिस स्थान पर आग लगी, वह बीएमसी की परियोजना प्रभावित व्यक्तियों यानी पीएपी से जुड़ी निर्माणाधीन आवासीय परियोजना का हिस्सा है। इस प्रकार की परियोजनाओं का उद्देश्य विभिन्न विकास कार्यों से प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए आवासीय सुविधाएं विकसित करना होता है। मुलुंड ईस्ट में चल रही इस परियोजना के निर्माण कार्य से जुड़े मजदूरों के लिए अस्थायी आवास की व्यवस्था की गई थी। इन्हीं अस्थायी शेड में आग लगने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, निर्माणाधीन मुख्य इमारत को भी आग से नुकसान पहुंचा है या नहीं, इसकी स्पष्ट आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। निर्माण स्थलों पर अग्नि सुरक्षा को लेकर सवाल मजदूरों के रहने के लिए बनाए गए अस्थायी शेड में आग लगने से निर्माण स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था का विषय सामने आया है। ऐसे परिसरों में बड़ी संख्या में मजदूर एक साथ रह सकते हैं। खाना बनाने के लिए गैस सिलेंडरों का इस्तेमाल होने की स्थिति में अतिरिक्त सावधानी जरूरी होती है। गैस सिलेंडरों के सुरक्षित भंडारण, बिजली के तारों की नियमित जांच और आग बुझाने के उपकरणों की उपलब्धता महत्वपूर्ण होती है। निर्माण स्थलों पर पर्याप्त निकासी मार्ग भी होने चाहिए, ताकि आपातकालीन स्थिति में मजदूर सुरक्षित बाहर निकल सकें। हालांकि, मुलुंड की इस घटना में किन सुरक्षा नियमों का पालन हुआ और कहां कमी रही, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी। स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची दमकल विभाग के साथ नवघर पुलिस थाने के कर्मचारी भी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने राहत कार्य में सहयोग किया और प्रभावित क्षेत्र में लोगों की आवाजाही को नियंत्रित करने की व्यवस्था की। आग लगने के कारणों की जांच के लिए घटनास्थल से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है। इसमें गैस सिलेंडरों की स्थिति और आग शुरू होने के संभावित स्थान की पड़ताल महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि, इस मामले में किसी व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने या गिरफ्तारी की कोई पुष्टि नहीं हुई है।