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पुणे: महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवड़ में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। शहर में तेज आवाज वाले मॉडिफाइड साइलेंसर, नियमों के अनुरूप नहीं होने वाली नंबर प्लेट और वाहनों के शीशों पर लगी प्रतिबंधित डार्क फिल्म के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस ने हालिया कार्रवाई में 415 मॉडिफाइड साइलेंसर और 591 अवैध नंबर प्लेट जब्त की हैं। यह अभियान पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस आयुक्तालय के सभी 13 यातायात विभागों में चलाया गया। पुलिस ने जब्त किए गए साइलेंसर और नंबर प्लेट को नष्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। लगातार कार्रवाई के बावजूद नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों की संख्या पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई है। जनवरी से अक्टूबर के शुरुआती दिनों तक मॉडिफाइड साइलेंसर से संबंधित 11,348 मामले दर्ज किए गए हैं।

पिंपरी-चिंचवड़ यातायात पुलिस ने शहर के सभी 13 ट्रैफिक डिवीजनों में विशेष जांच अभियान चलाया। इस दौरान उन वाहनों पर विशेष ध्यान दिया गया, जिनमें निर्धारित मानकों से अलग साइलेंसर लगाए गए थे। इसके अलावा नियमों के विरुद्ध बनाई गई नंबर प्लेट और प्रतिबंधित काली फिल्म लगे वाहनों की भी जांच की गई। पुलिस का उद्देश्य यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना और वाहनों में गैरकानूनी बदलाव करने वालों पर कार्रवाई करना है।

अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहेंगे। 415 मॉडिफाइड साइलेंसर जब्त हालिया अभियान में पुलिस ने 415 मॉडिफाइड साइलेंसर जब्त किए हैं। इन साइलेंसरों का इस्तेमाल वाहनों की आवाज बढ़ाने के लिए किया जाता है। विशेष रूप से कुछ दोपहिया वाहनों में ऐसे साइलेंसर लगाए जाते हैं, जिनसे सामान्य साइलेंसर की तुलना में अधिक तेज आवाज निकलती है। इस प्रकार के बदलाव से आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी हो सकती है। Also Read - पंचतत्व में विलीन हुए नाना पाटेकर, राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई रिहायशी इलाकों, अस्पतालों और अन्य सार्वजनिक स्थानों के आसपास तेज आवाज वाले वाहन ध्वनि प्रदूषण की समस्या बढ़ा सकते हैं। यातायात पुलिस ऐसे उपकरणों के इस्तेमाल को रोकने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है। 591 अवैध नंबर प्लेट पर कार्रवाई मॉडिफाइड साइलेंसर के साथ-साथ पुलिस ने नियमों के अनुरूप नहीं होने वाली 591 नंबर प्लेट भी जब्त की हैं। वाहनों की नंबर प्लेट का निर्धारित मानकों के अनुसार होना जरूरी है, ताकि वाहन की पहचान स्पष्ट रूप से की जा सके। कुछ वाहन चालक नंबर प्लेट पर सजावटी अक्षर, अलग-अलग आकार के अंक या अन्य डिजाइन का इस्तेमाल करते हैं। इससे कई बार वाहन का पंजीकरण नंबर पढ़ने में परेशानी हो सकती है। पुलिस के अनुसार, वाहन की नंबर प्लेट में नियमों के विरुद्ध बदलाव करना यातायात नियमों का उल्लंघन है। अगस्त में भी हुई थी बड़ी कार्रवाई पिंपरी-चिंचवड़ यातायात पुलिस ने इससे पहले अगस्त में भी इसी प्रकार का विशेष अभियान चलाया था। उस दौरान 568 मॉडिफाइड साइलेंसर और 2,566 नियमों के विरुद्ध नंबर प्लेट जब्त करके नष्ट की गई थीं। इसके कुछ सप्ताह बाद दोबारा चलाए गए अभियान में 415 साइलेंसर और 591 नंबर प्लेट जब्त की गईं। पिछले अभियान की तुलना में इस बार जब्त साइलेंसरों की संख्या 153 कम रही। हालांकि, केवल जब्ती की संख्या कम होने से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि शहर में नियमों का उल्लंघन उसी अनुपात में घट गया है। इसके लिए जांच किए गए वाहनों की संख्या और अभियान की अवधि जैसे विवरण भी आवश्यक हैं। नौ महीने में हजारों मामले दर्ज पिंपरी-चिंचवड़ में मॉडिफाइड साइलेंसर का इस्तेमाल रोकना यातायात पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से अक्टूबर के शुरुआती दिनों तक ऐसे साइलेंसरों से संबंधित 11,348 मामलों में कार्रवाई दर्ज हुई है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि बार-बार अभियान चलाए जाने के बावजूद बड़ी संख्या में वाहन चालक नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। यातायात पुलिस की ओर से लगातार जांच और कार्रवाई किए जाने के बाद भी तेज आवाज वाले साइलेंसरों का इस्तेमाल सामने आ रहा है। इसी कारण विभाग ने विशेष अभियान को जारी रखने का निर्णय लिया है। छह लाख से अधिक यातायात उल्लंघनों पर कार्रवाई यातायात पुलिस के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से अक्टूबर के शुरुआती दिनों तक अलग-अलग यातायात उल्लंघनों पर कुल 6,16,208 कार्रवाई दर्ज की गईं। इन मामलों में 68 करोड़ 97 लाख 84 हजार 450 रुपये का जुर्माना दर्ज किया गया। इस दौरान भारी वाहनों से संबंधित 88,173 मामलों, यातायात में बाधा डालने के 87,343 मामलों और सिग्नल तोड़ने के 79,529 मामलों में कार्रवाई हुई। इसके अलावा हेलमेट नियमों के उल्लंघन से जुड़े 62,701 और तीन सवारी बैठाने से संबंधित 61,506 मामले दर्ज किए गए। नंबर प्लेट संबंधी उल्लंघनों के 58,048 मामलों में भी कार्रवाई की गई। बिना सीट बेल्ट और मोबाइल इस्तेमाल पर भी सख्ती यातायात पुलिस केवल साइलेंसर और नंबर प्लेट के मामलों में ही कार्रवाई नहीं कर रही है। आंकड़ों के अनुसार, बिना सीट बेल्ट लगाए वाहन चलाने से संबंधित 21,117 मामलों में कार्रवाई हुई है। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने के 18,058 मामले भी दर्ज किए गए हैं। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। इसी प्रकार सीट बेल्ट और हेलमेट जैसे सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल नहीं करने से दुर्घटना की स्थिति में गंभीर चोट लगने का जोखिम बढ़ सकता है। पुलिस की कार्रवाई का उद्देश्य ऐसे उल्लंघनों को रोकना और वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना है। डार्क विंडो फिल्म भी पुलिस की निगरानी में यातायात पुलिस के अभियान में वाहनों के शीशों पर लगाई जाने वाली प्रतिबंधित डार्क फिल्म को भी शामिल किया गया है। वाहनों के शीशों की दृश्यता से जुड़े नियम सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। अत्यधिक गहरे शीशे होने पर वाहन के अंदर की गतिविधियां देखना कठिन हो सकता है। पुलिस ऐसे वाहनों की जांच कर रही है, जिनके शीशों पर नियमों के विपरीत फिल्म लगाई गई है। हालांकि, हालिया अभियान में डार्क फिल्म से संबंधित कितने वाहनों के खिलाफ कार्रवाई हुई, इसका अलग आंकड़ा सामने नहीं आया है। जब्त उपकरणों को नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू यातायात पुलिस ने हालिया अभियान में जब्त किए गए मॉडिफाइड साइलेंसर और अवैध नंबर प्लेट को नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अगस्त में आयोजित पिछले अभियान के दौरान भी जब्त किए गए उपकरणों को नष्ट किया गया था। पुलिस का प्रयास है कि नियमों के विरुद्ध तैयार उपकरण दोबारा वाहनों में इस्तेमाल न किए जा सकें। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि शहर में ऐसे उपकरणों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। वाहन चालकों से नियमों के पालन की अपील यातायात नियमों के अनुसार वाहन में अनधिकृत तकनीकी बदलाव करना परेशानी का कारण बन सकता है। वाहन मालिकों को साइलेंसर, नंबर प्लेट और शीशों से संबंधित निर्धारित नियमों का पालन करना चाहिए। विशेष रूप से वाहन की पहचान स्पष्ट रखने और अनावश्यक ध्वनि प्रदूषण से बचने के लिए उचित उपकरणों का इस्तेमाल महत्वपूर्ण है। पिंपरी-चिंचवड़ यातायात पुलिस ने दोबारा स्पष्ट किया है कि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। हालिया अभियान में 415 मॉडिफाइड साइलेंसर और 591 अवैध नंबर प्लेट की जब्ती के बाद भी पुलिस की निगरानी बनी हुई है। लगातार बढ़ते यातायात उल्लंघनों को देखते हुए पुलिस ने मॉडिफाइड साइलेंसर, अवैध नंबर प्लेट और डार्क विंडो फिल्म के खिलाफ अभियान जारी रखने का निर्णय लिया है।


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