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पुणे : पुणे इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। पुणे कस्टम्स ने डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) की पुणे रीजनल यूनिट के साथ संयुक्त अभियान चलाकर 1.243 किलोग्राम संदिग्ध भांग का अर्क (हशीश) जब्त किया है। नशीले पदार्थ को कथित तौर पर कॉस्मेटिक कंटेनरों के अंदर छिपाकर भारत लाने की कोशिश की जा रही थी। अधिकारियों ने बैंकॉक से पुणे पहुंची एक भारतीय महिला यात्री को रोककर उसके सामान की जांच की, जिसके बाद यह बरामदगी हुई।

अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई 1 अक्टूबर 2026 की शाम की गई। एयरपोर्ट पर यात्रियों और उनके सामान की नियमित निगरानी के दौरान अधिकारियों को एक चेक-इन बैगेज पर संदेह हुआ। सामान की स्क्रीनिंग के साथ यात्री के व्यवहार की जांच यानी बिहेवियरल प्रोफाइलिंग भी की गई। संदेह बढ़ने के बाद यात्री को विस्तृत जांच के लिए रोका गया। महिला यात्री एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX-241 से बैंकॉक से पुणे पहुंची थी। पुणे कस्टम्स की एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) और DRI के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से उसे रोका। इसके बाद उसके सामान की बारीकी से तलाशी ली गई।

जांच के दौरान अधिकारियों की नजर सामान में रखे कॉस्मेटिक कंटेनरों पर पड़ी। इन कंटेनरों की गहन जांच करने पर उनके अंदर संदिग्ध पदार्थ छिपाकर रखे होने का पता चला। इसके बाद पदार्थ को बाहर निकालकर जब्त कर लिया गया। बरामद पदार्थ का कुल वजन करीब 1.243 किलोग्राम बताया गया है। प्रारंभिक तौर पर बरामद पदार्थ को भांग का अर्क यानी हशीश होने का संदेह जताया गया है। मामले में आगे की जांच और निर्धारित प्रक्रिया के जरिए पदार्थ की प्रकृति की पुष्टि की जाएगी।

इस कार्रवाई की खास बात यह रही कि संदिग्ध पदार्थ को सामान्य कॉस्मेटिक सामान की आड़ में छिपाने की कोशिश की गई थी। आमतौर पर एयरपोर्ट पर यात्रियों के बैगेज की कई स्तरों पर जांच होती है। ऐसे में तस्करी में शामिल लोग प्रतिबंधित वस्तुओं को छिपाने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाते हैं। इस मामले में कॉस्मेटिक कंटेनरों का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। कस्टम्स और DRI की टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद संदिग्ध नशीला पदार्थ कहां से हासिल किया गया था और इसे भारत में किस व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था। महिला यात्री अकेले इस मामले में शामिल थी या उसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका है, यह भी जांच का विषय है। दक्षिण-एशियाई और प्रवासी

अधिकारियों के लिए महिला की बैंकॉक यात्रा से जुड़े विवरण भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि वह कितने समय तक बैंकॉक में रही, वहां किन लोगों के संपर्क में थी और उसके पास कॉस्मेटिक कंटेनर कैसे पहुंचे। इसके साथ ही यह भी जांच की जा सकती है कि पुणे पहुंचने के बाद बरामद पदार्थ किसे सौंपा जाना था। यदि इसके पीछे किसी संगठित नेटवर्क की भूमिका सामने आती है तो जांच का दायरा दूसरे शहरों या लोगों तक बढ़ सकता है। एयरपोर्ट पर नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने में यात्रियों की बिहेवियरल प्रोफाइलिंग भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस प्रक्रिया में अधिकारी यात्रियों की गतिविधियों और व्यवहार के आधार पर संदिग्ध मामलों की पहचान करते हैं। इस मामले में संदिग्ध चेक-इन बैगेज की स्क्रीनिंग के साथ व्यवहार संबंधी जांच ने अधिकारियों का संदेह बढ़ाया, जिसके बाद महिला यात्री को रोका गया। DRI और कस्टम्स जैसी एजेंसियां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर सोना, विदेशी मुद्रा, नशीले पदार्थ और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं की अवैध तस्करी रोकने के लिए निगरानी करती हैं। इसके लिए बैगेज स्कैनिंग के अलावा खुफिया सूचनाओं और यात्रियों की प्रोफाइलिंग का भी इस्तेमाल किया जाता है। पुणे एयरपोर्ट पर हुई इस कार्रवाई में दोनों एजेंसियों के बीच समन्वय देखने को मिला। संदिग्ध सामान की पहचान होने के बाद AIU और DRI के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए यात्री को रोका और उसके सामान की जांच की। अब जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बरामद पदार्थ की सप्लाई चेन का पता लगाना होगा। अधिकारियों की कोशिश यह जानने की होगी कि क्या महिला पहली बार इस तरह का सामान लेकर यात्रा कर रही थी या इससे पहले भी उसने विदेश यात्राएं की हैं। उसके यात्रा रिकॉर्ड और अन्य संबंधित जानकारियों की जांच से इस दिशा में सुराग मिल सकते हैं। मामले में डिजिटल साक्ष्य भी महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। जांच एजेंसियां आवश्यकता के अनुसार संबंधित संपर्कों और यात्रा से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल कर सकती हैं। इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि कथित खेप के पीछे कोई स्थानीय रिसीवर या अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क सक्रिय था या नहीं। बरामद पदार्थ को कॉस्मेटिक कंटेनरों में छिपाए जाने के कारण जांच एजेंसियां पैकेजिंग के तरीके को भी गंभीरता से देख रही हैं। यह पता लगाया जाना बाकी है कि कंटेनरों को विशेष रूप से तस्करी के लिए तैयार किया गया था या सामान्य कंटेनरों में बदलाव कर पदार्थ छिपाया गया था। अधिकारियों के सामने एक महत्वपूर्ण सवाल यह भी है कि बैंकॉक से संदिग्ध पदार्थ को पुणे लाने के पीछे अंतिम उद्देश्य क्या था। जांच में महिला यात्री से पूछताछ के आधार पर इस सवाल का जवाब तलाशने की कोशिश की जाएगी। फिलहाल पुणे कस्टम्स और DRI की संयुक्त कार्रवाई में 1.243 किलोग्राम संदिग्ध हशीश जब्त किया गया है। इसे कथित तौर पर कॉस्मेटिक कंटेनरों में छिपाकर बैंकॉक से पुणे लाया गया था। एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX-241 से पहुंची भारतीय महिला यात्री को अधिकारियों ने स्क्रीनिंग और बिहेवियरल प्रोफाइलिंग के बाद रोका था। अब जांच एजेंसियों का फोकस इस कथित तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क का पता लगाने पर है। मामले में आगे की जांच से यह स्पष्ट होगा कि संदिग्ध पदार्थ किसके लिए लाया गया था और इसके पीछे अन्य लोगों की भूमिका थी या नहीं।


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