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मराठवाड़ा में मराठा समुदाय को मराठा आरक्षण के हिसाब से मराठा-कुनबी और कुनबी-मराठा जाति प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया तय करने के लिए बनी पूर्व जस्टिस संदीप शिंदे कमेटी के अध्यक्ष को अब बैठक के हिसाब से मानदेय दिया जाएगा। जिला स्तर की बैठक के लिए 50 हजार रुपये और विभाग स्तर की बैठक के लिए 2 लाख रुपये मानदेय दिया जाएगा। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने शासनादेश जारी कर दिया है।

सरकारी फैसले के अनुसार कमेटी के काम के लिए होने वाली हर बैठक के लिए तय मानदेय दिया जाएगा। वह बैठक आमने-सामने हो या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए यह मानदेय लागू रहेगा। हालांकि महाराष्ट्र सरकार ने कमेटी की बैठक के लिए दिए जाने वाले मानदेय की महीने की लिमिट भी तय की है।

सभी बैठकों का कुल मानदेय किसी भी हालत में हर महीने 4 लाख रुपये से अधिक नहीं होगा। यदि महीने में बैठकों की संख्या बढ़ती है, तो भी पूर्व जस्टिस शिंदे को मिलने वाला अधिकतम मानदेय 4 लाख रुपये तक ही सीमित रहेगा। मराठा आरक्षण के संदर्भ में 7 सितंबर 2023 को पूर्व जस्टिस संदीप शिंदे की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई थी।

शिंदे कमेटी और मराठा आरक्षण सेल को मराठा आरक्षण से जुड़े काम के लिए मंत्रालय में नई जगह दी गई है। नई प्रशासनिक बिल्डिंग की 12वीं मंजिल के पश्चिम की ओर ऊर्जा विभाग को दी गई 775 वर्ग फीट की जगह कमेटी और मराठा आरक्षण रूम के लिए उपलब्ध कराई गई है। सरकारी फैसले में इस जगह का एरिया 964.44 वर्ग फीट बताया गया है।


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