मुंबई: क्या नेता बनेंगे तुकाराम मुंढे खुद किया खुलासा
मुंबई। महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन आयुक्त और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे इन दिनों अपनी सख्त कार्यशैली को लेकर देशभर में चर्चा में हैं। 25 मई 2026 को महाराष्ट्र एफडीए का कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने खाद्य प्रतिष्ठानों, रेस्टोरेंट, थोक विक्रेताओं और क्विक कॉमर्स कंपनियों के डार्क स्टोर पर लगातार कार्रवाई की है। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोग उनके काम की प्रशंसा करते हुए उन्हें राजनीति में आने की सलाह दे रहे हैं। अब मुंढे ने स्वयं स्पष्ट कर दिया है कि उनका राजनीति में प्रवेश करने का कोई इरादा नहीं है।
एनडीटीवी प्रॉफिट को दिए इंटरव्यू में तुकाराम मुंढे ने राजनीति में आने की संभावनाओं को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि राजनीति उनके बस का काम नहीं है। मुंढे के मुताबिक उनके जैसा व्यक्ति, जो अपनी बात सीधे और स्पष्ट तरीके से कहता है, शायद राजनीति में स्थापित नहीं हो पाएगा। उन्होंने कहा कि वह प्रशासनिक अधिकारी के रूप में कानून और नियमों के तहत अपनी जिम्मेदारी निभाना चाहते हैं। मुंढे ने अपने व्यवहार को लेकर होने वाली आलोचनाओं पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि कुछ लोग उनकी सीधी और सख्त कार्यशैली को अहंकार मानते हैं। उनके अनुसार घमंडी होने और अपनी बात स्पष्ट तरीके से रखने के बीच बहुत पतला अंतर होता है। उन्होंने कहा कि उनका स्वभाव शुरू से ऐसा ही रहा है और वह नियमों के पालन में समझौता नहीं करते।
तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में महाराष्ट्र एफडीए ने हाल के दिनों में खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर व्यापक अभियान चलाया है। विभाग ने रेस्टोरेंट और खाद्य सामग्री रखने वाले प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई, एक्सपायरी डेट, भंडारण व्यवस्था और लाइसेंस संबंधी नियमों की जांच की। कुछ प्रतिष्ठानों में गंभीर स्वच्छता संबंधी कमियां मिलने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। महाराष्ट्र में डोमिनोज और पिज्जा हट के कुछ आउटलेट भी स्वच्छता संबंधी कथित उल्लंघनों के बाद बंद कराए गए।
एफडीए ने 13 अगस्त को राज्यभर में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से खाद्य सामग्री बेचने और पहुंचाने वाले 86 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। जांच के बाद 60 प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस जारी किए गए। ब्लिंकिट, जेप्टो और इंस्टामार्ट सहित अलग-अलग कंपनियों से जुड़े 14 प्रतिष्ठानों के फूड बिजनेस लाइसेंस निलंबित किए गए। इनमें पांच लाइसेंस ब्लिंकिट, पांच जेप्टो और दो इंस्टामार्ट से जुड़े प्रतिष्ठानों के थे। शेष दो लाइसेंस अन्य प्रतिष्ठानों से संबंधित थे।