मुंबई: ‘मानसून की पूरी तैयारी’ का दावा करने वाली मेयर के सामने ही खुले गड्ढे में गिरा बीएमसी कर्मचारी
मुंबई : किंग्स सर्कल इलाके में नगर निगम के एक कर्मचारी खुले गड्ढे में गिर गए. यह घटना उस जगह से कुछ ही मीटर की दूरी पर घटित हुई, जहां मेयर रितु तावड़े इलाके में बार-बार होने वाले जल-जमाव की समस्या से निपटने के उपायों का जायजा ले रही थीं. रिपोर्ट के मुताबिक, तावड़े किंग्स सर्कल के पास महात्मा गांधी मार्केट के सामने अधिकारियों से बात कर रही थीं, तभी बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के एक कर्मचारी फुटपाथ के ठीक बगल में बने खुले गड्ढे में गिर गए.
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर रोड के किनारे जमा पानी के अंदर बना एक गड्ढा जो दिखाई नहीं दे रहा था; उसमें कमर तक धंस जाने के बाद उन कर्मचारी को बाहर निकाला गया. यह घटना मेयर के ठीक सामने हुई. इसके बाद तावड़े को मौके पर मौजूद दूसरे अधिकारियों से सख्ती से बात करते हुए देखा गया. उसी मार्केट के पास बने पंपिंग स्टेशनों पर उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई की कैमरा टीम को बताया कि यहां सड़क साफ है और पानी को तेजी से निकालने की व्यवस्था की गई है.
बाद में बीएमसी के एक बयान में उनके हवाले से कहा गया, ‘मुंबई की रोज़मर्रा की ज़िंदगी सुचारू रूप से चल रही है – यह इस बात का सबूत है कि इस साल मानसून से पहले की तैयारियां अच्छे से की गई हैं.’
हालांकि, उनके डिप्टी संजय घाड़ी ने बुधवार शाम को माना कि बीएमसी की तैयारियों में शायद कुछ कमियां रह गई थीं – या कुछ मैनहोल छूट गए थे.
वहीं, बीएमसी कमिश्नर अश्विनी भिड़े को एक ज्ञापन सौंपते हुए घाड़ी ने निगम कर्मचारी के गिरने की घटना का ज़िक्र किया और कहा कि उन्होंने मुंबई में मैनहोल का ‘तत्काल सर्वे’ करने और ‘उन पर मज़बूत और सुरक्षित जाली लगाने’ की मांग की है. उन्होंने कहा कि इस काम में खास तौर पर स्कूलों, अस्पतालों, रेलवे स्टेशनों और पानी भरने वाले इलाकों को शामिल किया जाना चाहिए. तावड़े ने एनडीटीवी को बताया कि किंग सर्कल में कचरा हटाने के लिए मेनटेनेंस होल को खुला छोड़ा गया था. उन्होंने बीएमसी अधिकारी पर दोष मढ़ते हुए कहा कि उन्हें मौके पर लगे बैरिकेड्स पर ध्यान देना चाहिए था.
घटना के वीडियो और संबंधित फुटपाथ की तस्वीरों में ‘हाई वोल्टेज एरिया’ की चेतावनी देने वाले साइनबोर्ड दिखाई दे रहे हैं.
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए मुंबई उत्तर-पूर्व से कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने तावड़े को संबोधित एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यह घटना ‘कोई दुर्घटना नहीं’ थी, बल्कि मेयर का ‘भ्रष्टाचार रंगे हाथों पकड़े जाने’ का मामला था.
गायकवाड़ ने तावड़े की टिप्पणी का ज़िक्र करते हुए एक्स पर लिखा, ‘विपक्ष से सड़कों पर उतरकर काम करने के लिए कहने से पहले, ज़रा उस व्यक्ति को तो देखिए जो ठीक आपके सामने गड्ढे में गिर गया है. वह व्यक्ति आपकी निष्क्रियता और भ्रष्टाचार के गड्ढे में गिरा है.’
बीएमसी के अनुसार, मुंबई में मानसून की बारिश ने इस बार तय समय से लगभग 12 दिन की देरी से 23 जून को दस्तक दी है. बीते 24 घंटों के दौरान शहर में 225 mm से 250 mm बारिश हुई. हालांकि, मौसम विभाग के 1991-2020 के आंकड़ों के मुताबिक शहर में जून के महीने में आम तौर पर लगभग 526 mm बारिश होती है.
गौरतलब है कि मंगलवार से मुंबई में लगातार बारिश हो रही है. और इसकी वजह से फिर से मुंबई में जलभराव की समस्या देखने को मिल रही है.