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मुंबई: आयोजित एक हिंदू सम्मेलन कार्यक्रम के दौरान आईआरएस अधिकारी समीर वानखेड़े ने नशामुक्ति को लेकर समाज की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम समाज को जागरूक करने और सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। समीर वानखेड़े ने कहा, “यह एक बहुत अच्छा कार्यक्रम है। मेरा मुख्य फोकस नशामुक्ति अभियानों पर रहा है। जब समाज इस तरह के महत्वपूर्ण मुद्दों पर एकजुट होता है, तो कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ सामूहिक प्रयास से सार्थक बदलाव लाया जा सकता है।”

उन्होंने कहा कि नशे की समस्या केवल कानून के जरिए पूरी तरह खत्म नहीं की जा सकती, इसके लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है। परिवार, सामाजिक संगठन और प्रशासन मिलकर काम करें तो युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाया जा सकता है। वानखेड़े ने यह भी कहा कि जागरूकता अभियान, काउंसलिंग और पुनर्वास जैसी पहलें नशामुक्ति के लिए बेहद जरूरी हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने आसपास होने वाली नशे से जुड़ी गतिविधियों के प्रति सतर्क रहें और प्रशासन को सहयोग दें। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही, जहां सामाजिक मुद्दों पर चर्चा के साथ नशामुक्ति को लेकर जागरूकता फैलाने का संदेश दिया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है और लोगों को संवेदनशील मुद्दों पर एकजुट होने की प्रेरणा मिलती है। 


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