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मुंबई: भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के एक जूनियर इंजीनियर को 2.5 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। एसीबी ने 24 अप्रैल को यह कार्रवाई की। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान विशाल भावसार वाणी के रूप में हुई है, जो बीएमसी के स्टॉर्म वॉटर ड्रेन्स विभाग में तैनात था। आरोप है कि वाणी ने एक निर्माण स्थल को आवश्यक मंजूरी दिलाने, खासकर ड्रेनेज क्लियरेंस देने के एवज में कुल 10 लाख रुपए की रिश्वत की मांग की थी। बाद में उसने पहली किश्त के रूप में 2.5 लाख रुपए लेने पर सहमति जताई।

मामले में शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने से इनकार करते हुए 22 अप्रैल को एसीबी से संपर्क किया। इसके बाद एसीबी ने योजना बनाकर ट्रैप बिछाया। इस पूरी कार्रवाई की निगरानी सहायक आयुक्त प्रवीण पाटिल और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने की। ट्रैप के दौरान जैसे ही आरोपी इंजीनियर ने 2.5 लाख रुपए की रिश्वत स्वीकार की, एसीबी टीम ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। एसीबी ने आरोपी के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट, 1988 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या इस नेटवर्क में अन्य अधिकारी भी शामिल हैं।

एसीबी ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की रिश्वतखोरी या भ्रष्टाचार की जानकारी तुरंत उसकी हेल्पलाइन या आधिकारिक वेबसाइट पर दें, ताकि ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई की जा सके। यह मामला एक बार फिर मुंबई की प्रशासनिक व्यवस्था में मौजूद भ्रष्टाचार की समस्या को उजागर करता है और यह दर्शाता है कि सख्त निगरानी और जनसहभागिता से ही इस पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।

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