बॉम्बे हाई कोर्ट का सख्त रुख: अवैध निर्माण पर कार्रवाई सही ठहराई
मुंबई : बॉम्बे हाई कोर्ट ने उल्हासनगर में एक अंडर-कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग को गिराने के फैसले को सही ठहराते हुए सिस्टम में जवाबदेही की कमी पर कड़ी टिप्पणी की है। कोर्ट ने साफ कहा कि प्रशासनिक लापरवाही और गलतियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और दोषी सिविक अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है। अदालत ने यह भी कहा कि “सिस्टम को साफ करना होगा” ताकि भविष्य में ऐसी गलतियां दोबारा न हों। यह मामला झलक कंस्ट्रक्शन्स के ‘झलक पैराडाइज’ प्रोजेक्ट से जुड़ा है, जिसे उल्हासनगर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने अनुमति देने के बाद बाद में रद्द कर दिया था। इसके खिलाफ कंपनी ने बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिसे जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस कमल खता की डिवीजन बेंच ने 29 अप्रैल के अपने फैसले में खारिज कर दिया।
कोर्ट ने UMC के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए कहा कि निर्माण से जुड़े नियमों और अनुमति प्रक्रिया में गंभीर खामियां पाई गई हैं। अदालत ने यह भी माना कि यदि अवैध या नियमों के खिलाफ निर्माण को रोका नहीं गया, तो इसका असर शहर की योजना और नागरिक सुविधाओं पर पड़ सकता है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने प्रशासनिक प्रणाली की खामियों पर सख्त टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि राज्य की यह जिम्मेदारी है कि वह ऐसे अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे जिन्होंने अपने कर्तव्यों में लापरवाही बरती है और व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है। कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसे दोषी अधिकारियों को पद पर बनाए रखना उचित नहीं है और उन्हें हटाना आवश्यक है।
अदालत ने यह भी कहा कि केवल बिल्डिंग गिराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे सिस्टम में सुधार की जरूरत है ताकि भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं को रोका जा सके। कोर्ट ने प्रशासन से यह सुनिश्चित करने को कहा कि निर्माण से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन हो और किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या लापरवाही को बर्दाश्त न किया जाए। इस फैसले को शहरी विकास और प्रशासनिक जवाबदेही के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण टिप्पणी माना जा रहा है। यह मामला न केवल अवैध निर्माण से जुड़ा है, बल्कि इसमें सरकारी प्रणाली की कार्यप्रणाली और निगरानी तंत्र पर भी सवाल उठाए गए हैं। फिलहाल कोर्ट के इस सख्त रुख के बाद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की संभावना बढ़ गई है और इस मामले को सिस्टम सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।