पहला डिटेंशन सेंटर : मंत्री योगेश कदम ने सुविधाओं और तैयारियों की जानकारी दी
मुंबई : राज्य सरकार द्वारा महाराष्ट्र में पहला डिटेंशन सेंटर स्थापित करने की तैयारी तेज हो गई है। मंत्री योगेश कदम ने जानकारी देते हुए कहा कि जब यह डिटेंशन सेंटर पूरी तरह से तैयार हो जाएगा, तो इसमें सभी आवश्यक सुविधाएं और व्यवस्थाएं मौजूद होंगी। मंत्री कदम ने बताया कि यह सेंटर राज्य में अपनी तरह का पहला डिटेंशन केंद्र होगा। मुख्यमंत्री ने स्वयं इस पहल को सुनिश्चित किया है और उन्होंने काम की प्रगति पर विशेष ध्यान दिया है। मंत्री के अनुसार, सेंटर में सुरक्षित और मानवतावादी तरीके से रखरखाव, भोजन, स्वास्थ्य सुविधाएं और अन्य आवश्यक सुविधाओं का प्रावधान किया जाएगा।
योगेश कदम ने कहा कि डिटेंशन सेंटर का उद्देश्य न केवल कानूनी प्रक्रिया के तहत बंदियों और व्यक्तियों के लिए सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है, बल्कि उन्हें सुधार और पुनर्वास के अवसर भी देना है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र में सुरक्षा और निगरानी के आधुनिक प्रावधान होंगे, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। मंत्री ने यह स्पष्ट किया कि केंद्र के संचालन में मानवाधिकारों और न्यायिक निर्देशों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने बताया कि इस
सेंटर के जरिए राज्य सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि कानूनी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से लागू हो। डिटेंशन सेंटर की स्थापना से राज्य में सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था में मजबूती आएगी। मंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि केंद्र के संचालन में कर्मचारियों और अधिकारियों के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। राज्य सरकार के अधिकारियों के अनुसार, सेंटर की पूरी तरह से तैयार होने के बाद, इसे धीरे-धीरे संचालन में लाया जाएगा और इसे मॉडल डिटेंशन सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। इस पहल को राज्य में सुरक्षा और कानूनी व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।