26 km लंबे रेल कॉरिडोर के लिए मेगा प्लान तैयार, स्टेशन-पटरियों पर खर्च होंगे 2184 करोड़
मुंबई : मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेनों के सफर को और अधिक सुगम बनाने के लिए पश्चिमी रेलवे ने कमर कस ली है। कांदिवली से बोरीवली के बीच 5वीं और 6वीं लाइन का काम पूरा करने के बाद अब रेलवे का ध्यान बोरीवली-विरार लाइन पर है। इस 26 किमी लंबे कॉरिडोर के लिए स्टेशनों के स्थानांतरण और नए प्लेटफॉर्म के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
क्यों हो रहा है यह बदलाव?
पहले चरण में पश्चिमी उपनगर के कांदिवली से बोरीवली के बीच पांचवीं और छठी लाइन का काम पूरा किया गया था, जिसके लिए करीब एक महीने का ब्लॉक लिया गया था। अब इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अगले चरण में कई स्टेशनों पर बड़े बदलाव किए जाएंगे।
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य लंबी दूरी की एक्सप्रेस/मेल ट्रेनों को उपनगरीय लोकल ट्रेनों से अलग करना है। वर्तमान में दोनों एक ही ट्रैक पर चलती हैं, जिससे लोकल ट्रेनें लेट होने से भीड़ की समस्या बढ़ जाती है। साथ ही नई लोकल सेवाएं भी शुरू करने में दिक्कतें आती हैं। लेकिन नई पटरियों के बनने से एक्सप्रेस ट्रेनें उससे चलाई जाएंगी और लोकल ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी बढ़ाई जा सकेगी।
इन स्टेशनों पर होगा बड़ा बदलाव
परियोजना के तहत कई स्टेशनों के प्लेटफॉर्म को शिफ्ट किया जाएगा ताकि नए ट्रैक के लिए जगह बनाई जा सके। दहिसर स्टेशन के प्लेटफॉर्म को उत्तर की दिशा में शिफ्ट किया जाएगा। वहीँ, भायंदर स्टेशन के प्लेटफॉर्म को पश्चिम की तरफ सरकाया जाएगा। विरार स्टेशन के प्लेटफॉर्म को भी दक्षिण की ओर स्थानांतरित करने की योजना है। इसके अलावा मीरा रोड, नायगांव और नालासोपारा में भी नए प्लेटफॉर्म और यात्री सुविधाओं का विस्तार होगा।