Latest News

मुंबई, दुनिया भर में पैसा ट्रांसफर करने का सबसे अच्छा तरीका प्रदान करनेवाली वैश्विक टेक्नोलॉजी कंपनी ‘वाइज’ ने एक नई स्टडी जारी की है, जिसमें खुलासा किया गया है कि भारतीय उपभोक्ताओं ने २०२० में कोविड महामारी के दौरान फॉरेन एक्सचेंज फीस के रूप में २६३ बिलियन से अधिक का भुगतान किया है, जिसमें करेंसी कन्वर्जन, भुगतान और कार्ड खरीद पर एक्सचेंज रेट मार्कअप के रूप में लगभग ९७ बिलियन का अज्ञात व्यय है, जबकि शेष १६६ बिलियन ट्रांजेक्शन फीस पर खर्च किए गए।
ये आंकड़े अगस्त, २०२१ में  कैपिटल इकोनॉमिक्स द्वारा किए गए एक स्वतंत्र रिसर्च से लिए गए थे, जिसका उद्देश्य हिंदुस्थान में फॉरेन एक्सचेंज ट्रांजेक्शन फीस के पैमाने का अनुमान लगाना था। भारतीय उपभोक्ताओं को अक्सर फीस और एक्सचेंज रेट मार्कअप के रूप में होनेवाले नुकसान के बारे में पता नहीं होता। स्टडी से यह भी पता चलता है कि ये नुकसान २०१६ से २०२० के बीच १८७ बिलियन से बढ़कर २६३ बिलियन हो गया। स्टडी के बारे में, वाइज इंडिया की कंट्री मैनेजर, रश्मि सतपुते ने कहा कि ‘टेक्नोलॉजी और इंटरनेट ने विदेशी धन स्थानांतरण से जुड़े कुछ पेचीदा मुद्दों को आसान कर दिया है, लेकिन एक्सचेंज रेट में परोक्ष फीस की सदियों पुरानी प्रथा के परिणामस्वरूप उपभोक्ता फॉरेन एक्सचेंज फीस पर बहुत अधिक खर्च करते हैं, जबकि यह पैसा उनकी जेब में रहना चाहिए।


Weather Forecast

Advertisement

Live Cricket Score

Stock Market | Sensex

Advertisement