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मुंबई : मुंबई की एक विशेष अदालत ने 2001 में बिल्डर और फिल्म फाइनेंसर युसूफ लकड़वाला पर गोली चलाने के मामले में जेल में बंद माफिया सरगना छोटा राजन के खिलाफ सीबीआई द्वारा दायर क्लोजर रिपोर्ट को शनिवार को स्वीकार कर लिया। यह रिपोर्ट तब दायर की जाती है जब किसी जांच एजेंसी को लगता है कि आरोपी के खिलाफ कार्रवाई के लिए उसके पास पर्याप्त सबूत नहीं हैं। विशेष न्यायाधीश ए.टी.वानखेड़े ने रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया और राजन को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 169 (सबूत की कमी होने पर आरोपी की रिहाई) के तहत 'रिहा' करने का निर्देश दिया। अदालत ने राजन को 50,000 रुपये का निजी मुचलका भरने को कहा। अदालत के इस आदेश के बाद भी राजन जेल से बाहर नहीं निकलेगा, क्योंकि वह कई अन्य मामलों में सुनवाई का सामना कर रहा है। विशेष लोक अभियोजक प्रदीप घरात ने कहा कि केंद्रीय जांच ब्यूरो ने करीब तीन महीने पहले 'क्लोजर' रिपोर्ट दाखिल की थी। राजन के वकील तुषार खंडारे ने कहा कि लकड़वाला पर हमले की घटना उपनगरीय क्षेत्र बांद्रा में 2001 में हुई थी। राजन और कुछ अन्य लोगों को हत्या के कथित प्रयास और महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (मकोका) के तहत नामजद किया गया था। राजन अक्टूबर 2015 में इंडोनेशिया से प्रत्यर्पित किए जाने के बाद दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। राजन 2011 में पत्रकार जे डे की हत्या सहित करीब 70 मामलों में आरोपी है। लकड़वाला भी एक धनशोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद न्यायिक हिरासत में है।


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