आयकर रिटर्न भरने से चूके तो जबरी वसूली, दंड और जेल!
मुंबई : आयकर रिटर्न न भरना अब भारी पड़ सकता है।आखिरी तारीख अगर चूके तो जबरन वसूली से लेकर दंड और जेल भी हो सकती है। इस नियमावली से पब्लिक में पैनिक के हालात बन गए हैं। ‘अच्छे दिनों’ के इंतजार में बैठी जनता के लिए एक और सदमा है। नोटबंदी और जीएसटी में सरकारी विफलता के बाद आयकर को लेकर इस जबरदस्ती से लोगों में रोष व्याप्त है। हालांकि, यदि आप इस बड़ी परेशानी से बचना चाहते हैं तो आयकर रिटर्न अवश्य भरें। लेकिन इसमें भी आपको ध्यान ये रखना होगा कि इसमें देरी न होने पाए।
ज्ञात हो कि सरकार टैक्स के पैसों से देश के विकास का कार्य करती है। देश के विकास पर और उसके मेंटेनेंस पर होनेवाला खर्च कहां से आएगा यदि आप अपना आयकर नहीं भरेंगे। इसलिए केंद्र सरकार के आयकर नियमों का पालन करना देश के लिए अनिवार्य कर्तव्य है और इसके पालन के लिए जनता को एक करदाता के रूप में तय समय पर इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) फाइल करना चाहिए।
जिस तरह से हमें आयकर भरना है उसी तरह से हमें आयकर रिटर्न फाइल करने की औपचारिकता भी जिम्मेदारी से निभानी चाहिए। सरकार के नियमों के अनुसार तय समय पर आयकर रिटर्न फाइल नहीं करने पर करदाताओं को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। वित्त वर्ष २०१९-२० का आयकर रिटर्न भरने के लिए समय सीमा केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने व्यक्तिगत करदाताओं के लिए बढ़ा दी है और अब आप ३१ दिसंबर, २०२० तक आईटीआर फाइल कर सकते हैं।
साधारण करदाताओं के लिए जहां आयकर रिटर्न की तारीख बढ़ाकर ३१ दिसंबर की गई है, वहीं जिन करदाताओं के अकाऊंट्स की ऑडिट करने की जरूरत है, उनके लिए आईटीआर भरने की तारीख दो महीने बढ़ाकर ३१ जनवरी, २०२१ नियत की गई है। मई में भी सरकार ने भारत के करदाताओं को राहत देने के लिए पिछले साल के आईटीआर को भरने की समयसीमा ३१ जुलाई से बढ़ा करके ३० नवंबर तय कर दी थी।