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मुंबई : नागपुर-मुंबई समृद्धि महामार्ग पर 2025 में दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों में तेजी से वृद्धि हुई, जबकि मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाओं में मामूली वृद्धि देखी गई। हालांकि, कुल दुर्घटनाओं में मामूली गिरावट आई है। अधिकारियों ने रविवार को महाराष्ट्र राजमार्ग पुलिस के अनंतिम आंकड़ों का हवाला देते हुए यह जानकारी दी। राजमार्ग पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, समृद्धि महामार्ग पर 2025 में 185 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जो 2024 के आंकड़े 137 की तुलना में 35 प्रतिशत की वृद्धि है। 

विदर्भ के सबसे बड़े शहर नागपुर को देश की वित्तीय राजधानी से जोड़ने वाले कॉरिडोर पर जानलेवा दुर्घटनाओं की संख्या 2024 के 96 से बढ़कर 2025 में 128 हो गई, जबकि मौतों की संख्या 126 से बढ़कर 152 हो गई, जो क्रमशः 33 प्रतिशत और 21 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है।

दोगुनी हुईं दुर्घटनाएं

आंकड़ों से पता चला कि गंभीर चोट का कारण बनने वाली दुर्घटनाओं की संख्या भी दोगुनी होकर 23 से बढ़कर 46 हो गई। ऐसी दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों की संख्या 50 से बढ़कर 140 हो गई। 

आईटीएमएस लागू

छह लेन वाला 'एक्सेस-कंट्रोल्ड समृद्धि कॉरिडोर' दिसंबर 2022 से चरणबद्ध तरीके से यातायात के लिए खोला गया था और इसका पूरा हिस्सा पिछले साल चालू हो गया था। वर्तमान में निगरानी में सुधार और सड़क सुरक्षा बढ़ाने के लिए एक 'इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम' (आईटीएमएस) लागू किया जा रहा है। 

महाराष्ट्र परिवहन विभाग ने छिपाए आंकड़े?

महाराष्ट्र परिवहन आयुक्त के कार्यालय ने इस वर्ष 22 जनवरी को जारी अपनी प्रेस विज्ञप्ति में, समृद्धि महामार्ग पर दुर्घटनाओं और मौतों में वृद्धि का उल्लेख नहीं किया। हालांकि उसने देश के पहले 'एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर' मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर गंभीर दुर्घटनाओं और मौतों में कमी को उजागर किया। 

पुणे एक्सप्रेसवे का हाल

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर 2025 में 187 दुर्घटनाएं हुईं, जो 2024 में हुई 191 दुर्घटनाओं से थोड़ी कम हैं। हालांकि, मामूली चोट का कारण बनने वाली दुर्घटनाओं में 12 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो 25 से बढ़कर 28 हो गई।

 

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