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मुंबई : नंदनी राय हत्याकांड में ससुर कमल राय सहित उसके दो साथियों को पुलिस ने कल गिरफ्तार कर लिया है। नंदनी की हत्या के लिए कमल ने मीरा रोड के अपने दोस्त ऑटोरिक्शा चालक कृष्णा सिंह उर्फ ठाकुर को ६८ हजार रुपए बतौर सुपारी देने की बात कबूली है। उसकी लाश को एक अन्य ऑटोरिक्शा चालक प्रदीप गुप्ता के ऑटो में रख बोरीवली-पश्चिम, चीकूवाड़ी के नाले में फेंकने की बात भी स्वीकार की है।
जोन ११ के पुलिस उपायुक्त विशाल ठाकुर ने बताया कि इस हत्याकांड के पीछे ससुर द्वारा नंदनी के चरित्र पर शक करना तथा उसकी जाति अलग होना मुख्य कारण है। ससुर कमल राय नंदनी को अपने बेटे की जिंदगी से दूर करने के लिए छठ पूजा के बहाने पंकज को बिहार अपने गांव भेज दिया था पर नंदनी को यहीं रोक लिया। इस बीच उसकी हत्या की साजिश रचते हुए उसमें ठाकुर और गुप्ता को शामिल कर लिया। ८ दिसंबर की रात मौका देख कर तीनों नंदनी के कमरे में पहुंचे और मुंह पर तकिया रखकर मार दिए। उसके बाद नंदनी की लाश को गुप्ता के ऑटो रिक्शा में डालकर बोरीवली-पश्चिम के एक नाले में फेंक दिया। इस हत्याकांड के दूसरे दिन ही कमल राय बिहार अपने गांव चला गया था।
११ नवंबर को पिता द्वारा नंदनी की गुमशुदगी की समता नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराने के बाद ऑटोरिक्शा चालक गुप्ता भी १३ दिसंबर को उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर अपने गांव भाग गया था। २४ नवंबर को अक्सा बीच पर नंदनी की लाश मिली थी। पिता ने उसकी लाश को पहचाना था। उसके बाद से मालवणी और समता नगर के पुलिस अधिकारी इस हत्याकांड को सुलझाने में लगे थे।
पुलिस उप निरीक्षक हसन मुलानी ने बताया कि कमल राय बार-बार अपना बयान बदल रहा था। लेकिन कड़ाई से पूछताछ की गई तब कमल राय टूट गया और उसने सारा सच उगल दिया। इस हत्याकांड को सुलझाने में पुलिस हवलदार तिवारी, रोडे, पाटील, शिंदे, पुलिस नाईक कदम, माईगडे सहित सिपाही हिरेमठ, जाधव, गोंजारी, मोरे, पाटील, भंडारी तथा उगले ने अहम भूमिका निभाई ।


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