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मुंबई : चंदन की लकड़ी की तस्करी के कई रैकेटों का बांद्रा और घाटकोपर क्राइम ब्रांच ने पिछले कुछ दिनों में भंडाफोड़ किया है। इन केसों में डेढ़ दर्जन से ज्यादा आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। इनसे पूछताछ के बाद जांच अधिकारियों के सुरक्षा की लापरवाही को लेकर कान खड़े हो गए हैं। चंदन की लकड़ी प्राय: आंध्र प्रदेश से चेन्नै पहुंचाई जाती है। वहां इसकी इस तरह पैकिंग की जाती है कि रास्ते मे किसी को पता ही नहीं चले कि इसमें चंदन की लकड़ी है। इसके बाद यह अलग-अलग रास्तों से मुंबई पहुंचती है। क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी के अनुसार, मुंबई से फिर यह विमान के जरिए चीन भेजी जाती है, पर चीन में यह मुंबई से सीधे नहीं पहुंचती, बल्कि पहले मलयेशिया, वियतनाम या हॉन्ग कॉन्ग भेजी जाती है। वहां से फिर सड़क के रास्ते चीन पहुंचती है। लकड़ी तस्कर यह एहतियात इसलिए बरतते हैं, ताकि मुंबई एयरपोर्ट पर भारतीय जांच अधिकारी अलर्ट न हो जाएं।

क्राइम ब्रांच सूत्रों का कहना है कि चंदन की लकड़ी के तस्कर SEZ की फर्जी सील लकड़ी की पैकिंग में लगाते थे। वो लकड़ी की बुकिंग मूल रूप से तीन विदेशी एयरलाइंस--श्रीलंका एयरलाइंस, तरकिस एयरवेज और कैथे पैसिफिक एयरलाइंस से करते थे। आरोपियों का कहना है कि इन एयरलांइस में बुकिंग खर्च कम आता है, इसलिए वे इनके जरिए लकड़ी भेजते थे। आरोपी सीधे संबंधित एयरलांइस से संपर्क नहीं करते थे, बल्कि IATA (इंटरनैशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ) के जरिए यह बुकिंग करते थे। IATA वालों को वे बताते थे कि SEZ वालों ने सामान की चेकिंग कर ली है। अमूमन वो सामान में मशीनरी होने की बात बताते थे। यह झूठ वो इसलिए बोलते थे, ताकि कस्टम की वाइल्ड लाइफ यूनिट के लोग सवाल-जवाब न करें। इस तरह अंदर तक लकड़ियां पहुंच जाती थीं। जब स्क्रीनिंग का वक्त आता था, तब अंदर आरोपियों का कोई आदमी लकड़ी वाली नई रसीद दिखा देता था। इस तरह विमान के नीचे सामान वाली जगह पर लकड़ियां पहुंच जाती थीं।

चूंकि मलयेशिया, वियतनाम या हॉन्ग कॉन्ग में चंदन की लकड़ी पर किसी तरह प्रतिबंध है नहीं, इसलिए वहां एयरपोर्ट के बाहर यह लकड़ियां आसानी से आ जाती थीं और फिर सड़क के रास्ते चीन पहुंच जाती थीं। कुछ दिनों पहले बांद्रा क्राइम ब्रांच के सीनियर इंस्पेक्टर महेश देसाई और संजीव गावडे ने 16 आरोपी गिरफ्तार किए। उनके पास से साढ़े चार टन चंदन की लकड़ी जब्त की गई। घाटकोपर क्राइम ब्रांच ने भी कई टन लकड़ियां जब्त की हैं। क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी के अनुसार, संदेह है कि जिस मोडस ऑपरेंडी से चंदन की लकड़ियों को बाहर भेजा जाता है, उसी मोडस ऑपरेंडी से बहुत सी ड्रग्स भी विदेश भेजी जाती होगी। शायद इसी तरकीब से ड्रग्स भारत में भी आती हो।


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