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मुंबई। बॉलीवुड सितारों को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकी देकर रंगदारी मांगने के मामले में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने बेंगलुरु से 30 वर्षीय आईटी इंजीनियर वैभव मिश्रा को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर अभिनेता आयुष्मान खुराना और तुषार कपूर सहित कई फिल्मी हस्तियों को धमकी भरे संदेश भेजने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, वैभव खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताकर अभिनेताओं को डराने की कोशिश कर रहा था। हालांकि, शुरुआती जांच में उसका गैंग से वास्तविक संबंध सामने नहीं आया है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने बॉलीवुड में पिछले दिनों सामने आई धमकियों और आपराधिक घटनाओं का फायदा उठाकर पैसे कमाने की योजना बनाई थी। इसी उद्देश्य से उसने फिल्मी सितारों को कथित तौर पर धमकी भरे संदेश भेजे और उनसे बड़ी रकम की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंबई क्राइम ब्रांच ने तकनीकी जांच शुरू की और संदिग्ध की पहचान कर उसे बेंगलुरु से पकड़ लिया।गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, सोशल मीडिया गतिविधियों और धमकी भरे संदेशों की जांच कर रही है। अधिकारियों का प्रयास है कि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी ने कितने लोगों को धमकियां भेजीं और इन घटनाओं में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी।

आयुष्मान खुराना और तुषार कपूर को मिली थी धमकी जानकारी के अनुसार, बॉलीवुड अभिनेता आयुष्मान खुराना और तुषार कपूर को धमकी भरे संदेश मिलने के बाद पुलिस सक्रिय हुई थी। इन संदेशों में कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम इस्तेमाल किया गया था। अभिनेता तुषार कपूर को धमकी भरा ऑडियो संदेश मिलने की जानकारी सामने आई थी। संदेश भेजने वाले ने खुद को गैंग से जुड़ा बताया था। इसके अलावा आयुष्मान खुराना को भी सोशल मीडिया के माध्यम से धमकी दिए जाने और पैसे मांगने की बात सामने आई।धमकी भरे संदेशों में करोड़ों रुपये की रंगदारी मांगे जाने की खबर है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, तुषार कपूर से पांच करोड़ रुपये की मांग की गई थी। पुलिस इन संदेशों की वास्तविकता और उनसे जुड़े डिजिटल साक्ष्यों का परीक्षण कर रही है।

लगातार बॉलीवुड हस्तियों को धमकी मिलने की घटनाओं ने फिल्म उद्योग में चिंता बढ़ा दी थी। इसी बीच एक आईटी इंजीनियर का नाम सामने आने से मामले ने नया मोड़ ले लिया। पुलिस की शुरुआती जांच से संकेत मिला कि आरोपी ने अपराधियों के नाम का इस्तेमाल करके फिल्मी सितारों में भय पैदा करने की कोशिश की थी।मुंबई क्राइम ब्रांच ने शिकायतों के आधार पर संबंधित मोबाइल नंबरों, सोशल मीडिया अकाउंट और इलेक्ट्रॉनिक गतिविधियों की पड़ताल की। तकनीकी जानकारी के जरिए संदिग्ध का पता बेंगलुरु में चला।इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए वैभव मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम इस्तेमाल कर पैसे वसूलने की कोशिश पुलिस के मुताबिक, वैभव मिश्रा बेंगलुरु में आईटी इंजीनियर के रूप में काम करता था। तकनीकी क्षेत्र से जुड़े होने के बावजूद उस पर डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करके आपराधिक धमकियां देने का आरोप लगा है।जांच अधिकारियों का मानना है कि आरोपी ने बॉलीवुड सितारों के बीच मौजूद असुरक्षा की भावना का फायदा उठाने की कोशिश की। पिछले कुछ समय से फिल्मी हस्तियों को धमकियां मिलने की घटनाएं चर्चा में रही हैं। ऐसी परिस्थितियों में किसी कुख्यात आपराधिक गिरोह का नाम इस्तेमाल करके पैसे मांगना गंभीर मामला माना जाता है।पुलिस के अनुसार, वैभव मिश्रा ने कथित तौर पर इसी स्थिति का फायदा उठाने का प्रयास किया। उसने खुद को बिश्नोई गैंग से संबंधित बताकर धमकी भरे संदेश भेजे।हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल आरोपी के लॉरेंस बिश्नोई गैंग से वास्तविक संबंध का कोई प्रमाण सामने नहीं आया है। यह अंतर महत्वपूर्ण है, क्योंकि किसी अपराधी गिरोह के नाम पर धमकी देना और वास्तव में उस गिरोह का सदस्य होना दो अलग बातें हैं।अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की गतिविधियों की विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि धमकियां भेजने के लिए उसने किन डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया और संदेश किन-किन लोगों तक पहुंचे।पुलिस को आशंका है कि आरोपी ने आयुष्मान खुराना और तुषार कपूर के अलावा अन्य फिल्मी हस्तियों को भी इसी तरह के संदेश भेजे हो सकते हैं।इन संभावित घटनाओं का पता लगाने के लिए उसके डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच में जुटी मुंबई क्राइम ब्रांच वैभव मिश्रा की गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच डिजिटल साक्ष्यों पर केंद्रित हो गई है।मुंबई क्राइम ब्रांच आरोपी से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और संचार रिकॉर्ड की जांच कर रही है। पुलिस यह जानना चाहती है कि धमकी भरे संदेश किस माध्यम से भेजे गए थे और क्या उनके पीछे कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय था।आरोपी के सोशल मीडिया अकाउंट, संदेशों और अन्य तकनीकी विवरणों का परीक्षण महत्वपूर्ण माना जा रहा है।मुंबई क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त राजतिलक रोशन ने आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। रिपोर्टों के अनुसार, बेंगलुरु की स्थानीय अदालत से ट्रांजिट रिमांड प्राप्त करने के बाद आरोपी को मुंबई लाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी।पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि वैभव मिश्रा ने धमकियां भेजने के लिए किसी दूसरे व्यक्ति की सहायता ली थी या वह अकेले ही पूरी गतिविधि संचालित कर रहा था।धमकी भरे संदेशों में इस्तेमाल की गई भाषा, रकम की मांग और डिजिटल पहचान का मिलान जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इस पूरे मामले ने साइबर तकनीक के दुरुपयोग को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। डिजिटल माध्यमों से किसी बड़े अपराधी गिरोह का नाम लेकर धमकियां देना न केवल संबंधित व्यक्ति की सुरक्षा से जुड़ा मामला है, बल्कि इससे समाज में भय का वातावरण भी बन सकता है।पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती आरोपी की पूरी गतिविधियों का पता लगाना और धमकियों से जुड़े सभी साक्ष्यों को एकत्र करना है।फिलहाल वैभव मिश्रा की गिरफ्तारी को मुंबई क्राइम ब्रांच की महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। हालांकि, आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर होगी।जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपी ने कुल कितनी फिल्मी हस्तियों को धमकियां भेजीं और रंगदारी मांगने की इस कोशिश में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।


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