मुंबई एयरपोर्ट पर बड़ा बदलाव अंतरराष्ट्रीय उड़ानें नवी मुंबई शिफ्ट करने का प्रस्ताव
मुंबई। मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 के पुनर्विकास को लेकर विमानन क्षेत्र में महत्वपूर्ण गतिविधियां तेज हो गई हैं। विदेशी एयरलाइंस ने चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे में स्थानांतरित करने का सुझाव दिया है। हालांकि, एयरलाइंस चाहती हैं कि उड़ानों का स्थानांतरण गंतव्य के आधार पर किया जाए, ताकि यात्रियों को कम से कम असुविधा हो और विमान संचालन प्रभावित न हो।बुधवार, 4 नवंबर को सामने आई जानकारी के मुताबिक, मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड ने केंद्र सरकार को इस संबंध में प्रस्ताव भेजा है। इसमें अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को व्यवस्थित तरीके से नवी मुंबई स्थानांतरित करने की संभावनाओं पर चर्चा की गई है। यह प्रस्ताव टर्मिनल-1 के प्रस्तावित पुनर्विकास के दौरान हवाई अड्डे की क्षमता बनाए रखने की योजना से जुड़ा है।
14 अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों की उड़ानें हो सकती हैं स्थानांतरित प्रस्ताव के अनुसार, मुंबई से 14 अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए संचालित उड़ानों को नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्थानांतरित करने की संभावना पर विचार किया जा रहा है।इस व्यवस्था का उद्देश्य किसी विशेष गंतव्य की उड़ानों को एक ही हवाई अड्डे से संचालित करना है। इससे यात्रियों को अलग-अलग एयरपोर्ट के बीच भ्रम की स्थिति से बचाने में मदद मिल सकती है।हालांकि, यह अभी प्रस्ताव के स्तर पर है। अंतिम निर्णय संबंधित एयरलाइंस, हवाई अड्डा संचालक और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के बीच सहमति बनने के बाद लिया जाएगा।इसलिए फिलहाल यह नहीं कहा जा सकता कि सभी प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय सेवाएं निश्चित रूप से नवी मुंबई स्थानांतरित हो जाएंगी।
टर्मिनल-1 के पुनर्विकास के कारण बदलाव की तैयारी मुंबई का छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में शामिल है।यहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित होती हैं। यात्रियों की बढ़ती संख्या और पुरानी संरचनाओं के आधुनिकीकरण की जरूरत को देखते हुए टर्मिनल-1 के पुनर्विकास की योजना तैयार की गई है।एयरपोर्ट संचालक के अनुसार, पुरानी इमारत की संरचनात्मक सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को देखते हुए पुनर्विकास जरूरी है।रिपोर्टों के मुताबिक, टर्मिनल-1 को हटाने का काम अप्रैल 2027 में शुरू करने की योजना है। नए टर्मिनल के दिसंबर 2030 तक तैयार होने का लक्ष्य बताया गया है।इस दौरान घरेलू यात्री सेवाओं को टर्मिनल-2 में समायोजित करने के लिए कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को नवी मुंबई स्थानांतरित करने का प्रस्ताव है।
सालाना 50 लाख यात्रियों का ट्रैफिक स्थानांतरित करने का लक्ष्य मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड की योजना के अनुसार, लगभग 50 लाख यात्रियों की वार्षिक क्षमता के बराबर अंतरराष्ट्रीय यातायात को अस्थायी रूप से नवी मुंबई एयरपोर्ट में स्थानांतरित करने की आवश्यकता है।इसमें भारतीय एयरलाइंस की ओर से लगभग 30 लाख यात्रियों की वार्षिक क्षमता के बराबर उड़ानों को स्थानांतरित करने की योजनाएं सामने आ चुकी हैं।शेष यातायात के लिए विदेशी एयरलाइंस के सहयोग की आवश्यकता बताई जा रही है।हवाई अड्डा संचालक चाहता है कि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय सेवाओं का संतुलन इस तरह बनाया जाए कि टर्मिनल-1 के पुनर्विकास के दौरान मौजूदा यात्रियों की आवाजाही जारी रह सके।
विदेशी एयरलाइंस ने उठाए परिचालन संबंधी सवाल इस प्रस्ताव को लेकर विदेशी एयरलाइंस और मुंबई एयरपोर्ट संचालक के बीच पिछले कुछ समय से चर्चा चल रही है।लुफ्थांसा, सिंगापुर एयरलाइंस और एमिरेट्स जैसी प्रमुख एयरलाइंस ने पहले स्थानांतरण के संबंध में तत्काल प्रतिबद्धता नहीं जताई थी।एयरलाइंस की मुख्य चिंता उड़ानों के मौजूदा स्लॉट, यात्रियों की कनेक्टिंग फ्लाइट और परिचालन व्यवस्था से जुड़ी है।कई विमानन कंपनियों का मानना है कि उड़ानों को अचानक स्थानांतरित करने से यात्रियों की यात्रा योजना प्रभावित हो सकती है।विशेष रूप से ऐसे यात्रियों को परेशानी हो सकती है, जिनकी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें अलग-अलग एयरपोर्ट से संचालित हों।इसी कारण एयरलाइंस ने स्थानांतरण की प्रक्रिया को चरणबद्ध और आपसी सहमति से पूरा करने पर जोर दिया है। उड़ानों के स्लॉट में कटौती का भी विरोध विदेशी एयरलाइंस ने मुंबई एयरपोर्ट से अपने मौजूदा उड़ान स्लॉट में एकतरफा कटौती किए जाने पर भी आपत्ति जताई है।एयरलाइन ऑपरेटर्स कमेटी ने मांग की है कि उड़ानों के स्थानांतरण से संबंधित निर्णय निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार लिए जाएं।कंपनियां चाहती हैं कि उन्हें नई परिचालन व्यवस्था तैयार करने और यात्रियों को पर्याप्त समय पहले जानकारी देने का अवसर मिले।इससे पहले एयरपोर्ट संचालक ने एयरलाइंस से 3 नवंबर तक अपनी स्थानांतरण योजनाएं प्रस्तुत करने को कहा था।अक्टूबर में हुए विचार-विमर्श के दौरान आगामी उड़ान कार्यक्रम और एयरपोर्ट क्षमता के संबंध में कई मुद्दे उठाए गए थे। एयर इंडिया और इंडिगो ने शुरू की तैयारी भारतीय विमानन कंपनियां भी नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ानों के विस्तार की तैयारी कर रही हैं।एयर इंडिया समूह और अदाणी एयरपोर्ट्स ने 25 अक्टूबर को चरणबद्ध स्थानांतरण योजना की घोषणा की थी।इसके तहत एयर इंडिया एक्सप्रेस दिसंबर 2026 से नवी मुंबई एयरपोर्ट से प्रतिदिन चार घरेलू उड़ानें शुरू करने की तैयारी कर रही है।जनवरी 2027 से ओमान और कुवैत के लिए अंतरराष्ट्रीय सेवाएं शुरू करने की योजना भी है। कुवैत की उड़ानें संबंधित नियामकीय मंजूरी पर निर्भर रहेंगी।इसके अलावा इंडिगो ने भी कुछ अंतरराष्ट्रीय सेवाओं को नवी मुंबई स्थानांतरित करने की योजना पर सहमति जताई है।
यात्रियों को किन बातों का रखना होगा ध्यान? यदि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का स्थानांतरण लागू होता है, तो यात्रियों के लिए हवाई अड्डे की सही जानकारी रखना बेहद जरूरी होगा।मुंबई और नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे अलग-अलग स्थानों पर स्थित हैं। ऐसे में गलत एयरपोर्ट पहुंचने पर यात्रियों को परेशानी हो सकती है।विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को टिकट बुकिंग के समय प्रस्थान और आगमन हवाई अड्डे की पुष्टि करनी होगी।एयरलाइंस को भी उड़ानों में बदलाव की जानकारी समय रहते यात्रियों तक पहुंचानी होगी।यात्रियों को यात्रा से पहले संबंधित एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर उड़ान की स्थिति जांचने की सलाह दी जा सकती है। अंतिम फैसले पर विमानन क्षेत्र की नजर मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 का पुनर्विकास शहर की विमानन सुविधाओं के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है।दूसरी ओर, नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का विस्तार महानगरीय क्षेत्र में बढ़ती हवाई यात्रा की मांग पूरी करने में मदद कर सकता है।हालांकि, उड़ानों का स्थानांतरण तभी सफल माना जाएगा, जब यात्रियों की सुविधाओं, एयरलाइंस के परिचालन और हवाई अड्डों की क्षमता के बीच उचित संतुलन कायम किया जाए।फिलहाल सभी की नजर नागरिक उड्डयन मंत्रालय, मुंबई एयरपोर्ट संचालक और विदेशी एयरलाइंस के बीच होने वाली आगे की बातचीत पर है।