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मुंबई : कोस्टल रोड पर रविवार तड़के बीएमडब्लू कार का भीषण हादसे के बाद वाहनों की तेज रफ्तार पर नियंत्रण को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय निवासियों की शिकायतों के बाद तेज गति से चलने वाले वाहनों पर कार्रवाई के लिए प्रशासन की ओर से उपाय किए गए हैं। ताड़देव ट्रैफिक विभाग की सीमा में आरटीओ और हाईवे पुलिस के स्पीडगन वाहनों की मदद से तेज रफ्तार वाहनों पर कार्रवाई की जाती है। इसके बावजूद तीन लोगों की जान जाने से इन उपायों की प्रभावी निगरानी और अमल पर सवाल खड़े हुए हैं।

कोस्टल रोड पर तेज रफ्तार वाहनों के कारण हादसे की यह पहली घटना नहीं है। पिछले साल दिसंबर में हुए एक हादसे में ठेकेदार के एक कर्मचारी की मौत हुई थी। कुछ महीने पहले तेज रफ्तार बीएमडब्लू के डिवाइडर से टकराने की घटना भी सामने आई थी। स्थानीय निवासियों का कहना है कि रात के समय कोस्टल रोड पर तेज रफ्तार वाहनों की नियमित निगरानी की जानी चाहिए। साथ ही रेसिंग जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने और गति सीमा का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जरूरत है। रविवार के हादसे के बाद पहले की गई शिकायतों और प्रशासन द्वारा उठाए गए कदमों की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठ रहे हैं।


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