मुंबई: बृहन्मुंबई नगर निगम ने बुधवार को बताया कि गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड प्रोजेक्ट के फेज 3(बी) के लिए लगाई गई पहली टनल बोरिंग मशीन ने नौ मीटर खुदाई पूरी कर ली है। यह संजय गांधी नेशनल पार्क के नीचे बनने वाली दोहरी सुरंगों के निर्माण में एक अहम पड़ाव है। जीएमएलआर प्रोजेक्ट के फेज 3(बी) के तहत, गोरेगांव ईस्ट में दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी (फिल्म सिटी) और मुलुंड वेस्ट में अमर नगर के बीच 5.30 किलोमीटर के हिस्से में तीन-लेन वाली दोहरी सुरंगें बनाई जा रही हैं।

इन सुरंगों की खुदाई 'तुलसी' नाम की टनल बोरिंग मशीन से की जा रही है; पहली टीबीएम को 17 अगस्त को चालू किया गया था।एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर (प्रोजेक्ट्स) अभिजीत बांगर ने बुधवार को प्रोजेक्ट साइट का दौरा और निरीक्षण किया। उन्होंने टनलिंग के तरीके, खुदाई के चल रहे काम, प्रोजेक्ट की प्रगति और इससे जुड़े तकनीकी पहलुओं की समीक्षा की।निरीक्षण के दौरान, बांगर ने टनलिंग के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के उपायों, मशीनरी की कार्यक्षमता, निर्माण की गुणवत्ता और प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने की योजनाओं की समीक्षा की।

नगर निकाय ने कहा कि सुरंग की खुदाई का काम शुरू होने के साथ ही प्रोजेक्ट एक अहम पड़ाव पर पहुंच गया है। बांगर ने अधिकारियों को खुदाई की गति बनाए रखने और जहां जरूरत हो, वहां अतिरिक्त कर्मचारी तैनात करने के लिए तुरंत कदम उठाने का निर्देश दिया।उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि टनलिंग एक बहुत ही तकनीकी और चुनौतीपूर्ण काम है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे कर्मचारियों की सुरक्षा को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता दें और सभी सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन कराएं।

इस बीच, दूसरी टीबीएम के पुर्जों को जोड़ने (असेंबली) का 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।बांगर ने अधिकारियों को 30 सितंबर, 2026 तक असेंबली का पूरा काम खत्म करने का निर्देश दिया। प्रोजेक्ट साइट पर मशीनरी पूरी तरह से लग जाने के बाद, 1 अक्टूबर से साइट एक्सेप्टेंस टेस्ट शुरू होगा। इसमें मशीनरी के सही और सुरक्षित तरीके से काम करने की जांच की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी सिस्टम ठीक से मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को इसके बाद सुरंग की खुदाई की असल प्रक्रिया की योजना बनाने का भी निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान चीफ इंजीनियर (ब्रिजेज) राजेश मुले और अन्य संबंधित अधिकारी व सलाहकार मौजूद थे। जीएमएलआर  एक बड़ा ईस्ट-वेस्ट कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट है, जिसका मकसद गोरेगांव और मुलुंड के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना और पूरे मुंबई में ट्रैफ़िक की आवाजाही को आसान बनाना है।


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