मुंबई। न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड में करीब 122 करोड़ रुपये के कथित फंड गबन मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी के मुंबई जोनल कार्यालय ने बैंक के पूर्व जनरल मैनेजर हितेश मेहता समेत आठ आरोपियों के खिलाफ मुंबई की विशेष पीएमएलए अदालत में अभियोजन शिकायत दाखिल की है। अदालत ने आरोपियों को संज्ञान लेने से पहले नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। ईडी ने यह जांच मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। जांच एजेंसी के मुताबिक, बैंक के पूर्व जनरल मैनेजर और अकाउंट्स हेड हितेश प्रवीणचंद्र मेहता ने कथित तौर पर बैंक के अकाउंटिंग सिस्टम में हेरफेर किया। साथ ही शाखाओं के बीच नकदी हस्तांतरण के फर्जी रिकॉर्ड तैयार कर रकम का गबन किया गया।

ईडी का आरोप है कि इस मामले में बैंक के पूर्व चेयरमैन और वाइस-चेयरमैन की भी भूमिका सामने आई है। जांच में करीब 26 से 30 करोड़ रुपये की रकम संबंधित पदाधिकारियों तक पहुंचने की बात कही गई है। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी हिरेन भानु ने कथित तौर पर कुछ कर्जदारों के साथ मिलकर विदेशी कंपनियों के जरिए भी वित्तीय लेनदेन किया। इससे पहले ईडी ने मामले में करीब 16.95 करोड़ रुपये मूल्य की 33 चल-अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की थीं। इनमें बैंक बैलेंस, फिक्स्ड डिपॉजिट, फ्लैट, व्यावसायिक कार्यालय और कृषि भूमि शामिल हैं। मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा भी मामले में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। हिरेन भानु के खिलाफ गैर-जमानती वारंट और उद्घोषणा की कार्रवाई शुरू की गई है। जांच एजेंसियों के अनुसार, वह फिलहाल विदेश में हैं और जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप अभी अदालत में सिद्ध नहीं हुए हैं।


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