मुंबई: सोनू निगम नाम विवाद खत्म, बॉम्बे HC में समझौता
मुंबई: सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर एक ही नाम के इस्तेमाल को लेकर चल रहा कानूनी विवाद अब समाप्त हो गया है। प्रसिद्ध गायक सोनू निगम से जुड़े इस मामले में उनके हमनाम व्यक्ति ने अदालत के सामने सहमति जताई है कि वह ऑनलाइन किसी भी तरह से गायक सोनू निगम की पहचान, लोकप्रियता या उनकी जैसी छवि का इस्तेमाल नहीं करेंगे। दोनों पक्षों के बीच हुए आपसी समझौते के बाद बॉम्बे हाई कोर्ट ने कमर्शियल इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (बौद्धिक संपदा) से जुड़े इस मुकदमे का निपटारा कर दिया है। अदालत ने समझौते की शर्तों को रिकॉर्ड करते हुए मामले को समाप्त कर दिया।
जस्टिस माधव जामदार ने दर्ज किया समझौता बॉम्बे हाई कोर्ट के जस्टिस माधव जामदार ने 13 अगस्त को दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते को रिकॉर्ड किया। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के वकीलों ने अदालत को जानकारी दी कि विवाद को आपसी सहमति से सुलझा लिया गया है। पक्षों की ओर से समझौते की शर्तें अदालत के सामने पेश की गईं, जिन्हें कोर्ट ने वचनबद्धता यानी अंडरटेकिंग के रूप में स्वीकार कर लिया। इसके बाद अदालत ने इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जरूरत नहीं समझी और मुकदमे का निपटारा कर दिया।
नाम और पहचान को लेकर शुरू हुआ था विवाद
मामला एक ही नाम के इस्तेमाल को लेकर शुरू हुआ था। सोनू निगम देश के जाने-माने गायकों में शामिल हैं और लंबे समय से संगीत जगत में उनकी एक अलग पहचान बनी हुई है। याचिका में यह मुद्दा उठाया गया था कि किसी अन्य व्यक्ति द्वारा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर ऐसे तरीके से नाम या पहचान का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे लोगों के बीच भ्रम पैदा हो सकता है। यह मामला केवल नाम तक सीमित नहीं था, बल्कि व्यावसायिक पहचान और प्रतिष्ठा से भी जुड़ा हुआ था।
इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी अधिकारों का मामला यह विवाद कमर्शियल इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी से संबंधित था। ऐसे मामलों में किसी व्यक्ति की पहचान, नाम, छवि और उससे जुड़ी व्यावसायिक प्रतिष्ठा को कानूनी संरक्षण दिया जाता है। सेलिब्रिटी और सार्वजनिक हस्तियों के लिए उनकी पहचान एक महत्वपूर्ण संपत्ति होती है। कई बार उनके नाम और छवि का इस्तेमाल विज्ञापन, सोशल मीडिया या अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में किया जाता है, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।