नई प्याज की आवक बढ़ते ही महाराष्ट्र में गिरे दाम, थोक में ₹49 लेकिन खुदरा बाजार में ₹65 किलो
मुंबई: कर्नाटक और आंध्र प्रदेश से खरीफ सीजन की नई प्याज की आवक बढ़ने का असर महाराष्ट्र के प्याज बाजार पर दिखाई देने लगा है। आपूर्ति बढ़ने से थोक बाजार में प्याज की कीमतों पर दबाव बना है। महाराष्ट्र के प्रमुख प्याज बाजारों में शामिल लासलगांव एग्रीकल्चरल प्रोड्यूस मार्केट कमेटी (APMC) में अच्छी गुणवत्ता वाली प्याज की थोक कीमत पिछले महीने के करीब 55 रुपये प्रति किलोग्राम से घटकर लगभग 49 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई है।
हालांकि थोक बाजार में प्याज सस्ती हुई है, लेकिन इसका पूरा फायदा अभी खुदरा ग्राहकों तक नहीं पहुंचा है। शहरी खुदरा बाजारों में प्याज की कीमत करीब 65 रुपये प्रति किलोग्राम बनी हुई है। इससे थोक और खुदरा कीमतों के बीच अंतर साफ दिखाई दे रहा है। लासलगांव APMC में प्याज की कीमत गुणवत्ता के आधार पर 1,000 रुपये से 4,900 रुपये प्रति क्विंटल के बीच चल रही है। औसत भाव करीब 4,200 रुपये प्रति क्विंटल बताया गया है। मंडी में प्रतिदिन लगभग 6,000 क्विंटल प्याज की आवक हो रही है। कर्नाटक-आंध्र से बढ़ी नई प्याज की आवक प्याज बाजार में कीमतों पर दबाव की प्रमुख वजह कर्नाटक और आंध्र प्रदेश से खरीफ की नई फसल की बढ़ती आवक बताई जा रही है। नई फसल बाजार में पहुंचने से उपलब्धता बढ़ी है और इसका असर महाराष्ट्र की मंडियों के भाव पर पड़ा है। आवक बढ़ने पर खरीदारों के पास प्याज की उपलब्धता ज्यादा होती है। इससे ऊंची कीमतों पर खरीदारी का दबाव कम होता है। लासलगांव मंडी में भी इसी तरह की स्थिति देखने को मिल रही है। पिछले महीने तक अच्छी गुणवत्ता वाली प्याज का थोक भाव लगभग 55 रुपये प्रति किलोग्राम था। अब यही कीमत घटकर करीब 49 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई है। यानी एक महीने के भीतर अच्छी गुणवत्ता वाली प्याज के थोक भाव में लगभग छह रुपये प्रति किलो की गिरावट आई है। ₹1,000 से ₹4,900 प्रति क्विंटल तक भाव लासलगांव APMC में प्याज की गुणवत्ता के हिसाब से कीमतों में बड़ा अंतर है। मंडी में प्याज का न्यूनतम भाव करीब 1,000 रुपये प्रति क्विंटल और अधिकतम भाव 4,900 रुपये प्रति क्विंटल तक है। वहीं औसत कीमत करीब 4,200 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज की जा रही है। इसका मतलब औसत स्तर पर थोक प्याज करीब 42 रुपये प्रति किलोग्राम पड़ रही है, जबकि बेहतर गुणवत्ता वाली प्याज के भाव इससे ऊपर बने हुए हैं। प्याज की कीमत उसकी गुणवत्ता, आकार और स्थिति के आधार पर अलग-अलग रहती है। इसी वजह से मंडी में न्यूनतम और अधिकतम कीमतों के बीच काफी अंतर देखने को मिल रहा है। रोजाना पहुंच रही करीब 6,000 क्विंटल प्याज लासलगांव APMC में रोजाना लगभग 6,000 क्विंटल प्याज पहुंच रही है। मंडी में लगातार हो रही आवक ने बाजार में उपलब्धता बनाए रखी है। दूसरे राज्यों से खरीफ की नई फसल आने के कारण महाराष्ट्र के बाजार में भी आपूर्ति का दबाव बढ़ा है। आने वाले दिनों में आवक की स्थिति प्याज के भाव की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यदि नई फसल की आपूर्ति लगातार बढ़ती रहती है तो थोक बाजार में कीमतों पर दबाव बना रह सकता है। हालांकि भविष्य की कीमतें आवक, मांग और प्याज की गुणवत्ता समेत कई बाजार कारकों पर निर्भर करेंगी। खुदरा बाजार में अभी भी ₹65 किलो प्याज थोक बाजार में कीमतों में गिरावट आने के बावजूद शहरों के खुदरा बाजारों में प्याज खरीदने वाले ग्राहकों को तत्काल बड़ी राहत नहीं मिली है। खुदरा बाजार में प्याज करीब 65 रुपये प्रति किलोग्राम तक बिक रही है। इस तरह अच्छी गुणवत्ता वाली प्याज के थोक भाव और खुदरा कीमत के बीच करीब 16 रुपये प्रति किलोग्राम का अंतर दिखाई दे रहा है। वहीं मंडी के औसत भाव 42 रुपये प्रति किलो से तुलना की जाए तो खुदरा बाजार की कीमत करीब 23 रुपये प्रति किलो अधिक है। थोक मंडी से खुदरा बाजार तक प्याज पहुंचने के दौरान परिवहन, छंटाई, भंडारण और अन्य लागतें भी जुड़ती हैं। इसके अलावा अलग-अलग बाजारों और दुकानों में कीमतों में अंतर हो सकता है। थोक भाव गिरने के बाद खुदरा कीमतों पर नजर अब ग्राहकों की नजर इस बात पर रहेगी कि थोक बाजार में आई गिरावट का असर खुदरा कीमतों पर कब और कितना दिखाई देता है। सामान्य तौर पर मंडियों में कीमत बदलने के बाद खुदरा बाजार में उसका असर पहुंचने में कुछ समय लग सकता है। फिलहाल शहरी बाजारों में ग्राहकों को करीब 65 रुपये प्रति किलो प्याज खरीदनी पड़ रही है। ऐसे में मंडी के भाव कम होने के बावजूद आम उपभोक्ताओं के घरेलू बजट में प्याज का खर्च अभी ज्यादा बना हुआ है। किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण बाजार भाव प्याज के दाम में गिरावट केवल ग्राहकों से जुड़ा मामला नहीं है। इसका सीधा संबंध उत्पादक किसानों से भी है। बाजार में आवक बढ़ने और भाव कम होने पर किसानों को मिलने वाली कीमत प्रभावित होती है। महाराष्ट्र देश के प्रमुख प्याज उत्पादक राज्यों में शामिल है और लासलगांव प्याज कारोबार का एक प्रमुख केंद्र है। यहां के भाव पर किसान, व्यापारी और खरीदार सभी की नजर रहती है। दूसरे राज्यों की नई फसल बाजार में आने के बाद प्रतिस्पर्धी आपूर्ति बढ़ने से महाराष्ट्र की प्याज के भाव पर दबाव दिखाई दे रहा है। आगे आवक पर टिकी नजर कर्नाटक और आंध्र प्रदेश की खरीफ प्याज की आवक आने वाले दिनों में किस स्तर तक पहुंचती है, इसका असर बाजार पर पड़ सकता है। अभी लासलगांव में प्रतिदिन करीब 6,000 क्विंटल प्याज पहुंच रही है और औसत भाव 4,200 रुपये प्रति क्विंटल है। अच्छी गुणवत्ता वाली प्याज की कीमत पिछले महीने के करीब 55 रुपये प्रति किलो से घटकर 49 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुकी है। इसके बावजूद शहरी खुदरा बाजार में भाव करीब 65 रुपये किलो बना हुआ है। ऐसे में फिलहाल प्याज बाजार में दो अलग तस्वीरें दिखाई दे रही हैं। एक तरफ नई फसल की आवक बढ़ने से थोक बाजार में कीमतें नीचे आई हैं, जबकि दूसरी तरफ खुदरा बाजार में ग्राहकों को अभी भी ऊंचे दाम चुकाने पड़ रहे हैं। आने वाले दिनों में नई फसल की आवक और थोक भाव में बदलाव के साथ खुदरा कीमतों पर भी नजर बनी रहेगी।