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ठाणे : औद्योगिक शहर भिवंडी में नाबालिग लड़कियों के लगातार लापता होने की घटनाओं ने कानून-व्यवस्था और सामाजिक सतर्कता दोनों पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। पिछले चार दिनों में शहर के अलग-अलग इलाकों से छह नाबालिगों के लापता होने की शिकायतें दर्ज हुई हैं, जिनमें अधिकांश लड़कियां हैं। घटनाओं से शहर में भय और असुरक्षा का माहौल गहरा गया है।

पुलिस में शिकायत दर्ज होने के बाद लापता बच्चियों की तलाश में अपेक्षित सफलता नहीं मिलने की चर्चा आम नागरिकों में है। हालांकि पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान कई मामलों में यह सामने आया है कि कुछ किशोरियां निजी कारणों से स्वयं घर छोड़कर गई हैं। फिर भी लगातार सामने आ रही घटनाएं चिंता बढ़ा रही हैं।

शांतीनगर थाना क्षेत्र में रहने वाली ३८ वर्षीय महिला ने शिकायत दर्ज कराई है कि उनकी नाबालिग बेटी २७ जनवरी की शाम करीब ५.१५ बजे फंडोलेनगर स्थित घर से ट्यूशन के लिए निकली थी, लेकिन उसके बाद वापस नहीं लौटी। परिजनों ने अपहरण की आशंका जताई है। इसी तरह भिवंडी शहर थाना क्षेत्र की एक ३५ वर्षीय महिला ने आरोप लगाया है कि उनकी नाबालिग बेटी को विवाह का झांसा देकर दिनेश चंद्रभूषण रस्तोगी नामक व्यक्ति भगा ले गया। कोनगांव थाना क्षेत्र में रहने वाली ४२ वर्षीय महिला ने बताया कि २४ जनवरी को दोपहर करीब एक बजे अज्ञात व्यक्ति उनकी नाबालिग बेटी को पिंपलास गांव स्थित एक कंपनी परिसर से बहला-फुसलाकर ले गया। मामले में अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया गया है। नारपोली थाना क्षेत्र से भी एक १५ वर्षीय लड़की के लापता होने की शिकायत दर्ज हुई है, जो घर से काम के सिलसिले में निकली थी और शाम तक वापस नहीं लौटी। इसके अलावा पूर्णा गांव से १७ वर्षीय तथा मानकोली से १५ वर्षीय किशोरी के गायब होने की घटनाएं भी सामने आई हैं।

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