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मुंबई : मुंबई महानगर पालिका के 227 प्रभागों में 565 निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरे हैं, जबकि 2017 के चुनाव में 710 निर्दलीय मैदान में थे। इस बार निर्दलीय उम्मीदवारों की संख्या कम हुई है। कहीं-कहीं ये निर्दलीय बीजेपी, शिंदे सेना, उद्धव सेना और मनसे उम्मीदवारों पर भारी पड़ रहे हैं और जो भारी पर पड़ रहे हैं, उनमें से ज्यादातर पार्टी से उम्मीदवारी नहीं मिलने पर बागी बनकर सामने आए हैं। जानकारी के अनुसार, कई प्रभागों में प्रमुख दलों से टिकट न मिलने के कारण बागी उम्मीदवारों नेनिर्दलीय के रूप में नामांकन दाखिल किया है। इससेचुनावी मुकाबला त्रिकोणीय या बहुकोणीय होने की संभावना बढ़ गई है। 

कुछ प्रभागों में तो निर्दलीय उम्मीदवारों की संख्या इतनी अधिक है कि इससे मुख्य दलों के वोट बैंक में सेंध लगने की संभावना जताई जा रही है। दक्षिण मुंबई के कुछ प्रभागों में निर्दलीय उम्मीदवारों की संख्या 10 से अधिक है। उत्तर और पूर्वी मुंबई के कई इलाकों में भी यही हाल है। आंकड़ों के मुताबिक, कुछ प्रभागों में 12 से 15 तक निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में है, जिससे मुकाबला और अधिक दिलचस्प हो गया है।

पार्टी नेतृत्व को डाला चिंता में: राजनीतिक

विश्लेषकों का मानना है कि निर्दलीय उम्मीदवारों की बढ़ती संख्या से वोटों का बंटवारा तय है। यही कारण है कि प्रमुख दलों ने अपने संगठन को सतर्क किया है और बागी उम्मीदवारों को मनाने के प्रयास भी किए गए। पार्टी नेताओं का कहना है कि निर्दलीय उम्मीदवारों की वजह से चुनाव परिणाम अप्रत्याशित हो सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि अपक्ष उम्मीदवारों ने मजबूत प्रदर्शन किया, तो कई प्रभागों में जीत-हार का अंतर बेहद कम रह सकता है। 

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