Latest News

मुंबई : कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के हालिया बयान पर सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष और विधायक अबू आज़मी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी अपनी अंदरूनी कलह और साजिशों के कारण खुद को ही नुकसान पहुंचा रही है। भिवंडी में मीडिया से बातचीत के दौरान अबू आज़मी ने ऐतिहासिक उदाहरण देते हुए कांग्रेस की मौजूदा स्थिति की तुलना टीपू सुल्तान के दौर से कर दी।

अबू आज़मी ने कहा, “टीपू सुल्तान क्यों हारे थे? इसलिए नहीं कि उनमें काबिलियत की कमी थी, बल्कि इसलिए कि उनकी फौज में ही बहुत ज्यादा साजिशें चल रही थीं। कुछ लोग गद्दार बन गए, कुछ मुखबिर बन गए और नतीजा यह हुआ कि टीपू सुल्तान को हार का सामना करना पड़ा।” उन्होंने आगे कहा कि आज कांग्रेस की हालत भी कुछ ऐसी ही हो गई है, जहां पार्टी के भीतर ही विश्वास की कमी और आपसी खींचतान उसे कमजोर कर रही है। समाजवादी पार्टी नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व बार-बार अपनी ही पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को कमजोर कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब किसी संगठन में अंदरूनी एकता नहीं होती और हर कोई अपनी राजनीति चमकाने में लगा रहता है, तो पार्टी का नुकसान तय होता है। अबू आज़मी के मुताबिक, कांग्रेस इस समय बाहरी विरोधियों से ज्यादा अपनी अंदरूनी राजनीति से जूझ रही है।

अबू आज़मी ने यह भी कहा कि कांग्रेस का इतिहास आज़ादी की लड़ाई से लेकर देश के निर्माण तक रहा है, लेकिन मौजूदा दौर में पार्टी अपने मूल मुद्दों से भटक गई है। उन्होंने कहा कि जनता के सवालों, महंगाई, बेरोजगारी और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर एकजुट होकर लड़ने के बजाय कांग्रेस के नेता एक-दूसरे पर बयानबाजी करने में लगे हुए हैं। सपा नेता ने साफ शब्दों में कहा, “कांग्रेस खुद को ही बर्बाद कर रही है। किसी को बाहर से कांग्रेस को खत्म करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि पार्टी के अंदर ही ऐसे लोग हैं जो उसे कमजोर कर रहे हैं।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर कांग्रेस समय रहते आत्ममंथन नहीं करती और संगठनात्मक सुधार नहीं लाती, तो भविष्य में उसे और भी राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

अबू आज़मी के इस बयान को महाराष्ट्र की राजनीति में अहम माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब विपक्षी दलों के बीच गठबंधन और तालमेल को लेकर चर्चाएं चल रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान न सिर्फ कांग्रेस की अंदरूनी स्थिति पर सवाल उठाता है, बल्कि विपक्षी एकता की चुनौतियों को भी उजागर करता है। कुल मिलाकर, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के बयान पर अबू आज़मी की यह प्रतिक्रिया विपक्षी राजनीति में बढ़ती तल्खी और अंदरूनी असहमति को दर्शाती है, जिसका असर आने वाले चुनावी समीकरणों पर भी पड़ सकता है।

 

Weather Forecast

Advertisement

Live Cricket Score

Stock Market | Sensex

Advertisement