....तो बच जाती जिंदगियां!
मुंबई, महाराष्ट्र में नगर जिला अस्पताल से एक बुरी खबर आई है। महाराष्ट्र के नगर जिला अस्पताल के आईसीयू (इंसेंटिव केयर यूनिट) में शनिवार सुबह भीषण आग लग गई, जिसमें ११ मरीजों की जलकर मौत हो गई। एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया है। नगर के जिला कलेक्टर राजेंद्र भोसले ने इस घटना की पुष्टि की है। बताया जा रहा है कि यह आग सिविल अस्पताल के कोरोना वॉर्ड में लगी थी, जिसकी वजह से ११ कोरोना मरीजों की जान चली गई। अस्पताल में रखे गए अग्नि बुझानेवाले यंत्रों ने घटना के दौरान काम नहीं किया। यदि अग्निरोधक यंत्र ठीक होते तो इन मरीजों की जिंदगियां बच जाती।
नगर मनपा के अग्निशमन विभाग के प्रमुख शंकर मिसाल ने कहा कि आग सुबह करीब १० बजे लगी। फिलहाल अभी तक आग के कारणों का पता नहीं चल पाया है। राहत की बात यह है कि आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया है। प्रारंभिक जानकारी से पता चलता है कि यह हादसा शॉर्टसर्किट के कारण शुरू हुआ होगा। आग पर काबू पाने के लिए दमकलकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी है।
विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने ट्वीट कर इस घटना पर दुख जताया है। भाजपा नेता ने कहा कि नगर से बहुत ही चौंकानेवाली और परेशान करनेवाली खबर है। नगर सिविल अस्पताल में हुई आग की घटना में अपने प्रियजनों को खोनेवाले परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।
बता दें कि अस्पताल में आग लगने की घटना के बाद ही चारों ओर चीख-पुकार मच गई। अस्पताल में सभी अपनी जान बचाने को इधर-उधर भागते दिखे। समाचार एजेंसियों ने जो तस्वीर जारी की है, उसमें देखा जा सकता है कि यह घटना कितनी भयावह थी। अस्पताल का वॉर्ड पूरी तरह से जलकर राख दिख रहा है।