शताब्दी, एमटी, भगवती, क्रांति ज्योति अस्पताल का होगा कायाकल्प
मुंबई, मुंबईकरों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए मनपा पूरा प्रयास कर रही है। कोरोना से लड़ते हुए मनपा ने मुंबईकरों को अन्य गंभीर बीमारियों से भी राहत दी है। दिवाली से ऐन पहले मनपा ने बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की सौगात देते हुए मुंबईकरों की इस दिवाली को `हैप्पी’ बना दिया है। इस कड़ी में मुंबई मनपा स्वास्थ्य सेवाओं को और भी मजबूती प्रदान करते हुए अपने ५ अस्पतालों के समानांतर नई व्यवस्था विकसित कर रही है। इन अस्पतालों के परिसर में ही नई अत्याधुनिक सुविधाओंवाले अस्पताल निर्माण एवं विस्तारीकरण को मंजूरी मिल गई है। इनमें से तीन अस्पतालों के विकास कार्य के टेंडर जारी कर दिए गए हैं जबकि दो अस्पतालों के जल्द ही टेंडर जारी किए जाएंगे। इन अस्पतालों के विकास के लिए लगभग दो हजार करोड़ रुपए तक खर्च होंगे।
अतिरिक्त मनपा आयुक्त सुरेश काकाणी ने कहा कि इन अस्पतालों के परिसर में हम नए अस्पताल बना रहे हैं, जहां आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। ज्यादातर अस्पताल उपनगर के हैं, इसलिए उपनगर के मरीजों को यहां मुंबई की तरफ इलाज के लिए आने की आवश्यकता नहीं होगी। काकाणी ने कहा कि मुंबईकरों को स्वास्थ्य के लिए मनपा का भारीभरकम बजट सुनिश्चित है इसलिए निधि की कोई समस्या नहीं है। लोगों को इलाज उपलब्ध हो सके, यही प्रयास है।
मनपा के अस्पतालों के निदेशक व नायर अस्पताल के डीन डॉ. रमेश भारमल ने बताया कि नायर में वैंâसर बीमारी के लिए अस्पताल बन रहा है। इसे छोड़कर बाकी के अस्पतालों में अब मेडिसिन, सर्जरी, स्त्री विशेषज्ञ, रेडियोलॉजी
आदि विभाग होंगे। इससे जुड़े बड़े डॉक्टर बैठेंगे। हर प्रकार से ट्रीटमेंट उपलब्ध होगा। मरीजों को केईएम, सायन और नायर अस्पताल में ट्रांसफर करने की नौबत नहीं आएगी, इससे इन अस्पतालों का बोझ कम होगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गोवंडी के शताब्दी का काम तेजी से हो रहा है, इसके लिए लगभग ४०० करोड़ रुपए खर्च होंगे। एमटी अग्रवाल अस्पताल के विकास के लिए ३९० करोड़ रुपए और भगवती अस्पताल के लिए ४५० करोड़ रुपए तक खर्च होंगे। क्रांति ज्योति बाई फुले और नायर अस्पताल में विस्तार कार्य के लिए जल्द टेंडर जारी होगा। कुल लगभग दो हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।