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मुंबई, वैश्विक कोरोना महामारी से बचाव के लिए घोषित की गई ‘ब्रेक दी चेन’ मुहिम के अंतर्गत अत्यावश्यक सेवा से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों को लोकल ट्रेनों में यात्रा की छूट दी गई थी। राज्य सरकार ने नया पैâसला लिया है, जिसमें लोकल ट्रेन में यात्रा के लिए अब अत्यावश्यक सेवा से जुड़े कर्मियों को भी कोरोना वैक्सीन की दो डोज लेना अनिवार्य होगा। मतलब सरकार ने अत्यावश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों को भी तुरंत टीके लगवाने के लिए ‘डोज’ दे दिया है। उनके लिए भी रियायत खत्म कर दी गई है।
अत्यावश्यक सेवा पर विपरीत परिणाम न हो इसलिए चिकित्सा सेवा, दूरसंचार क्षेत्र, गैस आपूर्ति, जलापूर्ति सरकारी-अर्ध सरकारी क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए लोकल ट्रेनों की यात्रा में रियायत दी गई थी। ऐसे कर्मियों ने टीका लिया हो या न लिया हो, इसका विचार किए बिना उन्हें यात्रा पास दिया जा रहा था। राज्य सरकार की ओर से जारी किए गए परिपत्र में कहा गया है कि अब टीकाकरण की शुरुआत हुए काफी समय बीत गया है। टीकाकरण बहुत तेजी से चल रहा है। वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की संस्थाओं के माध्यम से टीके की आपूर्ति हो रही है। ऐसे में अत्यावश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों को भी टीके की दोनों खुराक ले लेनी चाहिए थी।
दूसरी खुराक लेकर १४ दिन पूरे हो चुके लोगों को लोकल ट्रेन में यात्रा करने की अनुमति दी गई है। दूसरी खुराक लेने की अनिवार्यता में अब जरूरी सेवा से जुड़े लोगों को भी शामिल किया गया है। अब लोकल ट्रेन में यात्रा के लिए यूनिवर्सल पास उन्हीं को दिया जाएगा, जिन्होंने दोनों खुराक ले ली है। इसी तरह लोकल ट्रेन अथवा पैसेंजर ट्रेन में यात्रा करनेवाले लोगों के लिए भी मासिक, त्रैमासिक, ६ मासिक पास के लिए यही नियम लागू रहेंगे।


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