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मुंबई, मुंबईकरों पर वर्षा रानी खुश हैं। पिछले कुछ दिनों से खूब बरस रही हैं, इससे मुंबईकरों को पीने के पानी की चिंता धीरे-धीरे कम हो गई है। वर्षाकाल के शुरुआती माह जुलाई में ही झीलें छलकने लगी हैं। मुंबई के आस-पास के जिलों में जलापूर्ति करनेवाली झीलों के आस-पास १,९०० एमएम बरसात हुई है। इतनी बरसात दो साल पहले अर्थात वर्ष २०१९ में हुई थी। उस समय भी २८ जुलाई तक मनपा को जलापूर्ति करनेवाली ७ झीलों में ७०.०५ प्रतिशत पानी जमा हुआ था। जबकि पिछले वर्ष खराब बारिश के चलते इसका आधा पानी भी नहीं जमा हुआ था। इस वर्ष दोगुना से अधिक पानी झीलों में जमा हुआ है। अच्छी बारिश का परिणाम यह रहा कि मुंबई को जलापूर्ति करनेवाली ७ झीलों में से ४ तो लबालब हो गई हैं और ३ झीलों में उनकी क्षमता का लगभग ६५ प्रतिशत पानी जमा हो गया है।
मुंबई को जलापूर्ति करनेवाली ७ झीलों में कुल १,४४,७३६.३ करोड़ लीटर (१४,४७,३६३ मिलियन लीटर) पानी जमा होने पर बिना किसी अवरोध के मुंबकारों को पूरे साल पानी मिलता है। मंगलवार को मिली रिपोर्ट के अनुसार अब तक इन झीलों में १,०१,३८७ करोड़ लीटर (१०,१३,८७० मिलियन लीटर) यानी ७०.०५ प्रतिशत से अधिक पानी जमा हुआ है। मुंबई को प्रतिदिन ३८५ करोड़ लीटर (३,८५० मिलियन लीटर) शुद्ध पेयजल की आपूर्ति मनपा करती है।
महानगर क्षेत्र के आस-पास जुलाई माह में जमकर हो रही बरसात से मुंबईकरों को बड़ी राहत मिली है। पीने का पानी सप्लाई करनेवाली ७ झीलों में से ४ झीलें तानसा, मोडक सागर, तुलसी और विहार झील लबालब भर गई हैं। जबकि अपर वैतरणा, मध्य वैतरणा और भातसा झीलों में क्रमश: ४८.०९, ६९, ६५ प्रतिशत पानी जमा हुआ है। मनपा के आंकड़ों के अनुसार तेज बरसात से अब तक कुल ७ झीलों में ७०.०५ प्रतिशत पानी जमा हुआ है। मुंबईकारों का टेंशन लगभग खत्म हो गया है। जानकारों की मानें तो अगर इसी प्रकार बरसात होती रही तो जल्द ही ७ झीलें भर जाएंगी और मुंबईकरों का टेंशन पूरा खत्म हो जाएगा।


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