बाढ़ में फंसे हुए लोगों को भोजन के पैकेट, कपड़े
मुंबई, कोकण समुद्र तट, पश्चिम महाराष्ट्र सहित राज्य में विभिन्न जगहों पर बाढ़ की स्थिति निर्माण हो गई है। इस आपातकालीन परिस्थिति के संदर्भ में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कल मंत्रालय नियंत्रण कक्ष में जाकर जायजा लिया और बचाव व मदद कार्य के संदर्भ में प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए। रायगढ़ जिला के महाड तालुका में चट्टान गिरने से हुई दो दुर्घटना में मृतकों के प्रति शोक व्यक्त करते हुए पहाड़ी गांवों और बस्तियों के निवासियों से प्रशासन द्वारा किए जा रहे स्थानांतरण में सहयोग करने का आह्वान उन्होंने किया। आगामी दो-तीन दिनों तक मानसून विभाग की ओर से दी गई चेतावनी को ध्यान में रखकर प्रशासन और नागरिक सावधानी बरतते हुए आपसी समन्वय के साथ सभी यंत्रणा मिलकर काम करें, ऐसा निर्देश भी मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने दिए। इस अवसर पर मदद व पुनर्वसन मंत्री विजय वडेट्टीवार, पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे, राज्यमंत्री संजय बनसोडे, मुख्य सचिव सीताराम कुंटे आदि उपस्थित थे। मूसलाधार बारिश के कारण प्रभावित जिलों में फंसे हुए लोगों को भोजन के पैकेट, कपड़े, दवा आदि तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने दिए। इसके साथ ही कोविड रोगियों का खयाल रखने का भी निर्देश मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को दिए।
इस बैठक में एनडीआरएफ की कुल तैनात टुकड़ियों के बारे में जानकारी दी गई। एनडीआरएफ की कुल १४ टुकड़ियां तैनात की गई हैं। पालघर १, ठाणे २, रायगढ़ २, रत्नागिरी ४, सिंधुदुर्ग १, सांगली १, सातारा १, कोल्हापुर २, नागपुर के लिए २ टुकड़ियां बचाव कार्य कर रही हैं। इसके अलावा एनडीआरएफ की एक टीम को मुंबई से पोलादपुर के लिए हवाई मार्ग से भेजा गया है।
राज्य में मूसलाधार बारिश के कारण गिरनेवाले चट्टान से हुई दुर्घटना में मरने वालों के परिवार को पांच लाख रुपए की मदद देने की घोषणा मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने की। ऐसे समय में हम शोक संतप्त परिवारों के दुख में सहभागी हैं, इन शब्दों में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शोक प्रकट किया। रायगढ़ जिले में, तलिये मधलीवाड़ी (ता. महाड), गोवेले साखर सुतारवाड़ी, केवनाले (ता. पोलादपुर) के साथ-साथ रत्नागिरी जिले के खेड़, सतारा जिले के पाटन तालुका में मीरगांव, आंबेघर, हुंबराली, ढोकवले और कोंडवली सहित कुल दस जगहों पर चट्टान गिरने से कई लोगों की मौत हुई है। इस दुर्घटना में मृतकों के वारिसों को पांच लाख रुपए की मदद और घायलों का सरकारी खर्च पर इलाज किए जाने की घोषणा मुख्यमंत्री ने कल की।