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मुंबई, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने प्रकृति के नियमों को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यो की योजना बनाने की आवश्यकता पर शनिवार को बल दिया।
उन्होंने यहां ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि भारतीय संस्कृति पर्यावरण के संरक्षण को बढ़ावा देती है।
ठाकरे ने कहा, ‘‘विकास कार्यों की योजना बनाते समय हमें प्रकृति के नियमों को ध्यान में रखना चाहिए। हमने प्रकृति को नुकसान पहुंचाने के परिणामों को देखा हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम पृथ्वी को ‘वसुंधरा’ कहते हैं और उसकी तुलना वर्ग फुट के माप से करते हैं और इसे एक-बीएचके (बेडरूम-हॉल-किचन) और दो-बीएचके में वितरित करते हैं। विकास का यह एजेंडा विनाशकारी होगा।’’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘कोरोना वायरस के कारण, अब हम ऑक्सीजन के महत्व को महसूस कर रहे हैं और अब ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्रों को उन्नत कर रहे हैं। लेकिन पेड़ों की तरह प्राकृतिक रूप से मिलने वाली ऑक्सीजन नष्ट हो रही है।’’

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