महाराष्ट्र में सोमवार से आम लोगों को भी मुंबई लोकल में होगी सफर की इजाजत?
महाराष्ट्र : महाराष्ट्र में कोरोना के कम होते मामलों को देखते हुए उद्धव ठाकरे सरकार ने सोमवार यानी 7 जून से अनलॉक का ऐलान किया है. सरकार की तरफ से जारी बयान के मुताबिक महाराष्ट्र से पांच चरणों में लॉकडाउन हटाया जाएगा. महाराष्ट्र की उद्धव सरकार की इस योजना के तरह हर लेवल के तहत कुछ खास रियायतें दी जाएंगी. BMC ने शनिवार को महाराष्ट्र सरकार की पांच-स्तरीय ‘अनलॉक’ रणनीति के अनुसार नए दिशानिर्देश जारी किए.
महाराष्ट्र में अनलॉक की शुरुआत के बीच मुंबईकरों के मन में सबसे बड़ा सवाल लोकल ट्रेन को लेकर है. सबके मन में यही सवाल है कि आखिर उन्हें लोकल ट्रेन में दोबारा सफर करने का मौका कब मिलेगा? सरकार की तरफ से मुंबई लोकल को लेकर भी बात की गई है. सरकार के नए फैसले के मुताबिक मुंबई में लोकल ट्रेनों में फिलहाल सीमित प्रवेश होगा और इसकी अनुमति केवल मेडिकल और जरूरी सेवाओं में काम करने वालों के लिए ही होगी.
BMC के अनुसारस, मुंबई में फिलहाल पॉजिटिविट रेट 5.3 फीसदी है. इस वजह से मुंबई राज्य सरकार के अनलॉक दिशानिर्देशों के तीसरे स्तर के अंतर्गत आता है. BMC द्वारा बनाए गए नियमों के अनुसार, मुंबई की लोकल ट्रेनें अभी आम लोगों के लिए नहीं खुलेंगी. लोकल ट्रेनों में आवाजाही को मेडिकल इमरजेंसी और जरूरी सेवाओं तक सीमित कर दिया गया है. बता दें कि राज्य में लॉकडाउन जैसे प्रतिबंध इस साल अप्रैल में लागू किए गए थे जब महामारी की दूसरी लहर तेज हो गई थी. अधिसूचना के तहत, प्रत्येक नगरपालिका क्षेत्र और जिले को अलग-अलग प्रशासनिक इकाई माना गया है. पहली श्रेणी में 5 फीसदी संक्रमण दर और 25 प्रतिशत से कम ऑक्सीजन बिस्तर भर्ती वाले शहर और जिलों में आवश्यक और गैर-जरूरी दुकानों, मॉल, थिएटर, सभागार, रेस्तरां, निजी कार्यालय, सार्वजनिक स्थान, खेल प्रतिष्ठान निर्धारित समय पर पूरी तरह से खुलेंगे. ऐसे स्थानों पर फिल्म की शूटिंग, सामाजिक और राजनीतिक सभाएं फिर से शुरू हो सकती हैं. विनिर्माण, कृषि और आर्थिक गतिविधियों की अनुमति होगी.
कोई कर्फ्यू या निषेधाज्ञा लागू नहीं होगा और कोई ई-पास की आवश्यकता नहीं होगी, जब तक कि यात्रा उन शहरों या जिलों के लिए न हो जो पांचवीं श्रेणी के अंतर्गत आते हैं (जहां संक्रमण दर 20 प्रतिशत से अधिक है और ऑक्सीजन बिस्तर क्षमता 75 प्रतिशत से अधिक है). वहीं, दूसरी श्रेणी में जिन शहरों और जिलों में संक्रमण दर पांच फीसदी और 25 से 40 फीसदी ऑक्सीजन बेड पर मरीज है, वहां जरूरी और गैर जरूरी दुकानों को नियमित समय के मुताबिक खोलने की इजाजत होगी, लेकिन मॉल, थिएटर, मल्टीप्लेक्स, सभागार और रेस्तरां 50 प्रतिशत क्षमता के साथ कार्य करेंगे.
सार्वजनिक स्थान और निजी कार्यालय खोले जा सकते हैं. सामाजिक और राजनीतिक सभाओं को 50 प्रतिशत क्षमता के साथ अनुमति दी जाएगी. इन जिलों में कर्फ्यू के आदेश यथावत रहेंगे. जिम, सैलून आदि 50 फीसदी क्षमता के साथ खुल सकते हैं.
तीसरी श्रेणी के तहत प्रतिबंधों में ढील उन जगहों पर लागू होगी जहां संक्रमण दर पांच प्रतिशत से 10 प्रतिशत है और ऑक्सीजन बिस्तर पर मरीजों के भर्ती होने की दर 40 प्रतिशत से अधिक है. ऐसे स्थानों पर जरूरी सेवाओं की दुकानें शाम 4 बजे तक खुली रह सकती हैं, वहीं, गैर-जरूरी दुकानें केवल वर्किंग डे में शाम 4 बजे तक खुली रह सकती हैं. मॉल और मल्टीप्लेक्स बंद रहेंगे और सप्ताह के दिनों में शाम चार बजे तक 50 प्रतिशत क्षमता के साथ रेस्तरां खुल सकते हैं. साथ ही खाने के पार्सल, टेकअवे और होम डिलीवरी की सुविधा जारी रहेगी.
मेडिकल और आवश्यक कर्मचारियों के लिए लोकल ट्रेनों में यात्रा की अनुमति रहेगी. कार्यालय 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ काम कर सकते हैं. फिल्म और टीवी की शूटिंग बायो-बबल में होगी और शाम पांच बजे के बाद बाहर कोई गतिविधि नहीं होगी. इन जगहों पर विवाह समारोह में केवल 50 व्यक्ति शामिल हो सकते हैं, जबकि अंतिम संस्कार में केवल 20 लोग शामिल हो सकते हैं. 50 प्रतिशत क्षमता के साथ सामाजिक और राजनीतिक सभाएं आयोजित की जा सकती हैं.
चौथी श्रेणी उन जगहों के लिए है जहां संक्रमण दर 10 से 20 फीसदी और ऑक्सीजन बेड भर्ती 60 फीसदी से ज्यादा है वहां आवश्यक दुकानें शाम चार बजे तक खुली रहेंगी. केवल भोजन पार्सल और टेकअवे की अनुमति होगी और लोकल ट्रेनों में केवल चिकित्सा और अन्य आवश्यक सेवाओं के कर्मियों को यात्रा की अनुमति होगी. सार्वजनिक स्थान खुले रहेंगे, लेकिन वे सप्ताहांत पर बंद रहेंगे. वहीं, पांचवी श्रेणी में जहां संक्रमण दर 20 फीसदी से ज्यादा और ऑक्सीजन बेड पर 75 फीसदी से ज्यादा मरीज हैं, वहां शाम चार बजे तक सिर्फ जरूरी दुकानें खुली रहेंगी और कार्यालय में 15 फीसदी उपस्थिति रहेगी.