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भिवंडी : भिवंडी मनपा इलाके में लगे २२४ मोबाइल टॉवरों पर प्रशासन ने टैक्स न भरने के कारण लगाम लगाना शुरू कर दिया है। इसके लिए मनपा प्रशासन ने शहर में अवैध तरीके से चल रहे १०७ मोबाइल टॉवरों सहित सभी को नोटिस भेजा है, जिन पर मनपा का १२ करोड़ रुपए बतौर टैक्स बकाया है। ऐसे में टैक्स को लेकर हाई कोर्ट गए एक मोबाइल टॉवर कंपनी को हाई कोर्ट ने जमकर फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा है कि पहले बकाया टैक्स का भुगतान करो फिर सुनवाई होगी।

भिवंडी मनपा क्षेत्र में एटीसी टेलीकॉम इन्फ्राट्रक्चर कंपनी के कुल ६७ मोबाइल टॉवर हैं। मनपा का इस कंपनी पर ५ करोड़, ५३ लाख, १३ हजार रुपए बकाया है। इसे भरने की नोटिस मनपा ने इस कंपनी को भेजी थी। जिसे भरने की बजाय मोबाइल कंपनी ने भिवंडी मनपा प्रशासन के खिलाफ मुंबई उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी। इसकी सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सुनील पी देशमुख व जीएस कुलकर्णी ने कंपनी को आदेश दिया कि भिवंडी मनपा का कुल मूल बकाए टैक्स की रकम ४ करोड़, ६३ लाख, १५ हजार, १५६ रुपए पहले दस दिन के भीतर भरें फिर याचिका की सुनवाई होगी।

भिवंडी में मोबाइल कंपनियों के कुल २२४ टॉवर्स हैं। इसमें बीएसएनल के १७, एयरटेल का एक, आइडिया के १०, रिलायंस के २७, जिओ के ४७, टाटा के ५६, इंडस के ६१, वोडाफोन का एक व जिटीएल के ४ टॉवर शामिल हैं। इन मोबाइल टॉवरों में से बीएसएनएल के १७ मोबाइल टॉवर को छोड़कर बाकी सभी १०७ टॉवर अवैध तरीके से बिना मनपा परमिशन के लगाए गए हैं। इन मोबाइल टॉवरों पर मनपा का कुल १२ करोड़, ०३ लाख,१८ हजार, ५६९ रुपए बतौर टैक्स राजस्व बकाया है, जिसे भरने के लिए मनपा ने दंडात्मक नोटिस टॉवर्सवाली कंपनियों को भेजा है। अभय योजना में जो टॉवर वाले टैक्स अदा करेंगे, उन्हें भी ब्याज में छूट मिलेगी। लेकिन इसके बाद भी यदि मोबाइल टॉवर लगानेवाली कंपनियां टैक्स अदा नहीं करेंगी तो सबसे पहले उनके बैंक खातों को सील किया जाएगा। बता दें कि इससे पहले भी टैक्स वसूली के लिए मनपा ने एक कंपनी का टॉवर सील करते हुए ७ अवैध मोबाइल टॉवरों पर केस दर्ज कराया था। उक्त कार्रवाई के बाद मोबाइल टॉवर मालिकों ने मनपा को बड़े तादात में टैक्स चुकाया था।


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