मसूद पर चीन नरम, बोला-जल्द निकलेगा हल
जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के लिए चंदा जुटाने को मसूद अजहर १९९२ में इंग्लैंड गया था। एक माह की यात्रा के दौरान उसने १५ लाख पाकिस्तानी रुपये जुटाए थे। अजहर से पूछताछ से संबंधित भारतीय खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार, १९९४ में भारत आने से पहले उसने शारजाह और सऊदी अरब की यात्राएं भी कीं। हालांकि, वहां उसे महत्व नहीं दिया गया।• पीटीआई, नई दिल्ली: आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित कराने के मामले में चीन ने नरमी के संकेत दिए हैं। भारत में चीन के राजदूत लिओ झेंगहुई ने रविवार को कहा कि चीन इस मामले में भारत की चिंताओं को समझता है। यह सिर्फ तकनीकी रोक है, जिसका मतलब है कि इस बारे में और विचार किया जाएगा। दोनों देशों के बीच सहयोग सही रास्ते पर है। उम्मीद है कि इस मसले का हल निकल जाएगा। चीन का यह बयान ऐसे समय आया है, जब कुछ दिन पहले यह देश सुरक्षा परिषद में चौथी बार मसूद की ढाल बनकर खड़ा दिखा था।