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मुंबई : ठाकरे सरकार के कैबिनेट मंत्रियों ने शुक्रवार को विधान परिषद में राज्यपाल कोटे के 12 सदस्यों की एक लिस्ट बंद लिफाफे में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को सौंप दी है। अब गेंद राज्यपाल के पाले में चली गई है। देखना दिलचस्प होगा कि राज्यपाल क्या निर्णय लेते हैं। लेकिन जैसे कि हालात हैं उर्मिला मातोंडकर और एकनाथ खडसे के लिए विधान परिषद की राह आसान नहीं लगती।

वैसे जिनके नामों की सिफारिश मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्यपाल से की है, उसमें ज्यादातर लोग राजनीति के क्षेत्र में सक्रिय माने जा रहे हैं। लेकिन इन नामों को लेकर विरोध शुरू हो गया है। कुछ लोगों ने तो कोर्ट जाने तक की तैयारी कर ली है। फिलहाल, राज्यपाल के निर्णय का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है।

संविधान के अनुसार राज्यपाल साहित्य, कला, समाज सेवा व सहकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 12 लोगों को विधान परिषद के लिए मनोनीत करते हैं। शुक्रवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के हस्ताक्षर वाले बंद लिफाफे को परिवहन मंत्री व शिवसेना नेता अनिल परब, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री व राकांपा नेता नवाब मलिक व मेडिकल शिक्षा मंत्री व कांग्रेस नेता अमित देशमुख ने राजभवन जाकर राज्यपाल को सौंपा।

पत्र सौंपने के बाद शिवसेना नेता परब ने बताया कि सभी कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखकर यह लिस्ट तैयार की गई है। इसके लिए राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया। मुख्यमंत्री के हस्ताक्षर वाला पत्र हमने बंद लिफाफे में राज्यपाल को सौंप दिया है। शिवसेना नेता अनिल परब ने बताया कि उन्होंने राज्यपाल से विनती की हैं कि वे इसे मंजूर करें और हमें विश्वास है कि राज्यपाल जल्द ही इसे मंजूरी देंगे।


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