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मुंबई: हीरा कारोबार से जुड़ी एक बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सोलिटेरियो लैब ग्रोन प्राइवेट लिमिटेड और उसके डायरेक्टर रिकी वासंदानी समेत अन्य सहयोगियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) पुलिस स्टेशन में आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 336(2), 340(2) और धारा 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया। आरोप है कि आरोपियों ने साजिश रचकर एक कारोबारी से करीब 34,75,00,736 रुपए मूल्य के लैब-ग्रोन डायमंड्स हड़प लिए।

शिकायतकर्ता, क्यूपिड डायमंड्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर निमेष पीयूष मेहता (58) के अनुसार, यह पूरी साजिश बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) स्थित भारत डायमंड बोर्स के टॉवर बीसी में रची गई। आरोपी रिकी वासंदानी ने शिकायतकर्ता को अपनी नई कंपनी में 15 प्रतिशत हिस्सेदारी देने का झांसा दिया। भरोसे में लेकर एक 'शेयर सब्सक्रिप्शन एग्रीमेंट' साइन कराया गया, जो बाद में जांच के दौरान कानूनी रूप से कमजोर और अधूरा पाया गया।

इसी कथित साझेदारी के आधार पर क्यूपिड डायमंड्स ने बड़ी मात्रा में कीमती लैब-ग्रोन डायमंड आरोपियों को सौंप दिए। जब भुगतान का समय आया तो आरोपियों ने कथित तौर पर योजनाबद्ध तरीके से पैसे देने से इनकार कर दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने भुगतान के लिए पोस्ट डेटेड चेक दिए, लेकिन बाद में बैंक को 'स्टॉप पेमेंट' के निर्देश दे दिए। कुछ चेक पर जानबूझकर गलत हस्ताक्षर किए गए ताकि वे बाउंस हो जाएं। आरोप है कि कंपनी के डायरेक्टर मिलन शाह के फर्जी हस्ताक्षर तैयार किए गए और कंपनी का नकली लोगो व स्टैंप बनाया गया। जब डायमंड्स वापस करने का नाटक किया गया तो पार्सल में मूल डायमंड्स के बजाय कम क्वालिटी और अलग स्पेसिफिकेशन वाले हीरे लौटाए गए। मामले को बीकेसी थाना पुलिस से मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा को ट्रांसफर कर दिया गया है। अब ईओडब्ल्यू इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।

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