दिल्ली : एक दिन के सुधार के बाद फिर खराब हुई हवा, गाजियाबाद में 400 के पार पहुंचा सूचकांक
दिल्ली : दिल्ली-एनसीआर में बुधवार को हवा में कुछ सुधार देखा गया था लेकिन यह दूसरे दिन जारी नहीं रह सका और दिल्ली के ज्यादातर इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 पार गया। वहीं शाहदरा जिले के झिलमिल इलाके में सूचकांक 400 के पार चला गया। दिल्ली में हवा का यह स्तर खतरनाक है।
दिल्ली के आईटीओ इलाके में गुरुवार सुबह वायु गुणवत्ता 366 दर्ज की गई, वहीं आरके पुरम में 309, आनंद विहार में 313 और वजीरपुर में 339 दर्ज की गई। यह सभी 'बहुत खराब' श्रेणी में आते हैं। वहीं बात गाजियाबाद की करें तो यहां, वसुंंधरा, लोनी व अन्य इलाको में वायु गुणवत्ता सूचकांक आज सुबह 400 पार कर गया। वसुंधरा में 438, लोनी 458 सूचकांक दर्ज किया गया।
0.50 के बीच के वायु गुणवत्ता सूचकांक को अच्छा माना जाता है, 51-100 को संतोषजनक, 101-200 को मध्यम, 201-300 को सामान्य, 301-400 को बहुत खराब और 401-500 को गंभीर माना जाता है। दिल्ली एनसीआर के मौसम में मामूली बदलाव होने से दिल्ली की हवा में बुधवार को सुधार देखा गया। 24 घंटे के भीतर 24 अंकों की बेहतरी के साथ वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 276 पर पहुंच गया, जबकि मंगलवार को यह 300 तक चला गया था।
सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) का कहना है कि मिक्सिंग हाइट ऊपर जाने से प्रदूषक दूर-दूर तक फैल गए। फिर, दिल्ली पहुंचने वाली हवाओं की दिशा पुरवा होने से पंजाब व हरियाणा की तरफ से पुआल जलाने का धुआं भी यहां नहीं पहुंच सका। दोनों के मिलेजुले असर से प्रदूषण स्तर में गिरावट आई है।
बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए दिल्ली-एनसीआर में आज से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) लागू हो जाएगा। अगले आदेशों तक आवश्यक सेवाओं को छोड़कर डीजल-पेट्रोल जनरेटर पूरी सर्दी बंद रहेंगे। प्रदूषण का स्तर बढ़ने पर दूसरी पाबंदियां भी लागू की जाएंगी।
उधर, नियमों को लागू करने के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) व दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी (डीपीसीसी) ने भी कमर कस ली है। औचक निरीक्षण के लिए 50 टीमें गठित करने के साथ सभी सिविक एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि वह अपने-अपने क्षेत्रों में नियमों को पालन सुनिश्चित करें।
डीपीसीसी ने बुधवार को एमसीडी, डीडीए, पीडब्ल्यूडी समेत सभी एजेंसियों को निर्देश जारी किया है कि दिल्ली में गुरुवार से डीजल-पेट्रोल जनरेटर बंद होंगे। इसके एवज में बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश बिजली कंपनियों को दिया गया है।
हालांकि, हेल्थ केयर सेवा, दिल्ली मेट्रो, रेलवे, एलीवेटर समेत दूसरी आवश्यक सेवाओं को छूट दी गई है। डीपीसीसी ने अपने आदेश में कहा है कि ईपीसीए की तरफ से जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन हो, जिससे वायु प्रदूषण को सीमित रखने में मदद मिल सके।