राहुल-प्रियंका के साथ अभद्र व्यवहार पर रोष, कांग्रेस ने उतारा गुस्सा
नागपुर : महात्मा गांधी जयंती पर शहर व ग्रामीण कांग्रेस ने वेराइटी चौक स्थित गांधी की प्रतिमा का अभिवादन किया और भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर अपना गुस्सा उतारा. हाथरस में दलित युवती के साथ दुष्कर्म और हत्या के बाद योगी सरकार की पुलिस द्वारा उसका अंतिम संस्कार कर दिये जाने का निषेध किया गया.
साथ ही पीड़ित परिवार से मिलने हाथरस जा रहे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ वहां की पुलिस द्वारा किये गए धक्कामुक्की, अभद्र व्यवहार और फिर गिरफ्तार कर लिये जाने को लेकर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने यूपी की भाजपा सरकार के खिलाफ नाराजी जताई. वहीं किसान विरोधी बिल को रद्द करने की मांग को लेकर भी मोदी सरकार को आड़ेहाथ लिया गया. इस दौरान शहर अध्यक्ष विकास ठाकरे, ग्रामीण अध्यक्ष राजेन्द्र मूलक के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल हुए.
ठाकरे ने कहा कि यूपी में गुंडागर्दी की सरकार योगी के नेतृत्व में चल रही है. बिना योगी के निर्देश के वहां की पुलिस देर रात बिना युवती के परिजनों को साथ लिए अंतिम संस्कार नहीं कर सकती. वहां की पुलिस ने राहुल व प्रियंका गांधी के साथ जो दुर्व्यवहार किया वह लोकतंत्र के लिए कलंक है. यूपी में आवाजें दबाई जा रही है. दादागीरी की सरकार चल रही है. मूलक ने कहा कि भाजपा के राज में जो चल रहा है उसे अब जनता समझ गई है और इसका जवाब जनता ही देगी. राहुल गांधी को यूपी पुलिस ने जबरन रोका और उनके साथ धक्कामुक्की कर नीचे गिरा दिया गया. यह हरकत सहन नहीं की जाएगी.
शहर व ग्रामीण जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से उपजिलाधिकारी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर अन्यायकारी किसान बिल को तत्काल रद्द करने की मांग की गई. वेराइटी चौक में विशाल मुत्तेमवार, गजराज हटेवार, अभिजीत वंजारी, अतुल लोंढे, प्रज्ञा बडवाईक, रमेश पुणेकर, प्रशांत धवड, संजय महाकालकर, इरशाद अली, बंडोपंत टेभुर्णे, दिनेश बानाबाकोडे, महेश श्रीवास, गोपाल पट्टम, दिनेश तराले, धरम पाटिल, ईरशाद मलिक, अब्दुल शकील सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए.
मूलक के नेतृत्व में नागपुर में धरना आंदोलन हुआ, इसके साथ ही जिले के 13 तहसीलों में कृषि व कामगार विधेयक के खिलाफ और हाथरस घटना के दोषियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग को लेकर धरना आंदोलन किया गया. प्रदेश कमेटी निरीक्षक रविन्द्र दरेकर की अपील पर उमरेड, भिवापुर, कुही में राजू पारवे, कामठी में सुरेश भोयर, मौदा में तापेश्वर वैद्य, सावनेर में सतीश लेकुरवाडे व बंडू चौधरी, कलमेश्वर में अशोक भागवत व दादाराव भिंगारे, रामटेक में गज्जू यादव, पारशिवनी में रश्मि बर्वे, कन्हान में नरेश बर्वे व शिव यादव, काटोल में प्रकाश वसू व सतीश चव्हाण, नरखेड में हुकूमचंद आमधरे व सुदर्शन नवघरे, वाडी में कुंदा राऊत, हिंगणा में बाबा आष्टनकर, बूटीबोरी में मुजीब पठान व एस.क्यू. जमा, पिपला फाटा में समीर गायकवाड व अजय राऊत के नेतृत्व में धरना आंदोलन किया गया.