मुंबई : KYC वेरिफिकेशन और अनजान ऐप को डाउनलोड करने का कॉल आए तो 100 बार सोचें
मुंबई : बोरीवली के साईं बाबा नगर में रहने वाले 36 वर्षीय रामचंद्र पांडेय के मोबाइल पर करीब 15 दिन पहले किसी अनजान व्यक्ति का एक एसएमएस मिला। इस एसएमएस में कहा गया कि आपके Know Your Customer यानी KYC को अपडेट करने के लिए जांच प्रक्रिया जारी है। इसका वेरिफिकेशन किया जा रहा है। इसलिए KYC को वेरीफाई करने के लिए आपके मोबाइल पर एक लिंक भेजा जा रहा है, जिसे ओपन कर एक ऐप को डाउनलोड करें। साइबर क्राइम एक्सपर्ट एडवोकेट विक्की शाह के अनुसार, 'साइबर क्रिमिनल्स पहले आपके मोबाइल पर कॉल कर आपसे ओटीपी नंबर की जानकारी हासिल कर ऑनलाइन ठगी की वारदात को अंजाम देता था। अब जब लोगों में इस OTP देने से पैसा निकलने की जानकारी और इस क्राइम के प्रति जागरूकता आई तो क्रिमिनल्स ने भी साइबर ठगी करने का नया तरीका शुरू कर दिया।
अब साइबर क्रिमिनल आपके नंबर पर कोई अनजान लिंक भेजकर उसे डाउनलोड करने के लिए कहता है। लिंक की आड़ में वो क्रिमिनल आपसे आपके मोबाइल पर AnyDesk, TeamViewer और Quick Support जैसे सेंधमार ऐप डाउनलोड करवा देता है। इस ऐप के माध्यम से वह शातिर आपका फोन अपने कब्जे (हैक) में कर लेता है और आपके बैंक अकाउंट की सारी जानकारी चुराकर खाते से सारी रकम निकाल लेता है। मुंबई साइबर पुलिस के अनुसार, पिछले दिनों गुजरात पुलिस ने सोहिल खान पठान और मोहसिन नामक शातिर साइबर क्रिमिनल को गिरफ्तार किया था, जिसके निशाने पर गुजरात से अधिक मुंबई के लोग थे। KYC अपडेट करने के बहाने से सोहिल और मोहसिन देश भर के लोगों को KYC अपडेट्स और आयुर्वेदिक दवाओं को बेचने के बहाने ऑनलाइन ठगता था। सोहिल और मोहसिन के पास से पुलिस को गुजरात, हरियाणा, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, राजस्थान, झारखंड, पंजाब और दिल्ली के लोगों का मोबाइल नंबर एवं उनकी निजी जानकारी मिली थी।
यह जानकारी पेट्रोल पंपों, अस्पतालों, सिनेमाघरों या मॉल्स के बाहर गिफ्ट्स देने का कूपन बांटने वाली कंपनियों एवं गिरोहों एवं कॉलसेंटरों से वे लोग हासिल करते थे। नैशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) से मिली जानकारी के अनुसार, 2018 में साइबर क्राइम से संबंधित 1,081 मामले, जबकि 2019 में 1,686 मामले दर्ज किए गए थे। किसी तरह की अनजान यानी थर्ड पार्टी मोबाइल एप्लिकेशंस (मोबाइल ऐप) को डाउनलोड और उसके टर्म ऐंड कंडीशन को स्वीकार करने से पहले सौ बार सोचें। कभी भी अनजान कॉलर या लिंक सेंडर के इनाम और कूपन के लालच में नहीं फंसें। अनजान लिंक को डिलीट करते रहें।