Latest News

नागपुर : नागपुर एप आधारित (ओला-उबर) टैक्सी चालक और मालिक अपनी लंबित मांगों को लेकर लामबंद हैं। पिछले कई वर्षों से लगातार निवेदन, रैलियों और आंदोलनों के बावजूद कोई समाधान न निकलने पर चालकों ने प्रशासन और एग्रीगेटर कंपनियों के खिलाफ कड़ा रोष व्यक्त किया है। यही कारण है कि एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील स्थान पर पिछले 5 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। दूसरी ओर प्रशासन की खामोशी यात्रियों पर भारी पड़ रही है। आंदोलन और चुप्पी के बीच यात्री फंस गए हैं और उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार को भी यात्री पूरे दिन परेशान होते रहे। नागपुर तक तो वे विमान से पहुंच गए, लेकिन घर जाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। हालांकि, चालकों की मांग है कि इस बैठक में ओला और उबर जैसी एग्रीगेटर कंपनियों के अधिकृत और निर्णय लेने वाले वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया जाए, कंपनियों के अधिकारियों की अनुपस्थिति में बैठक का कोई अर्थ नहीं रहेगा,

प्रशासन और एयरपोर्ट अथॉरिटी पर अनदेखी का आरोप

टैक्सी चालक संघ ने मिहान इंडिया लिमिटेड, एयरपोर्ट अथॉरिटी पर असहयोग का आरोप लगाया है। चालकों का कहना है कि जब उन्होंने आंदोलन की पूर्व सूचना दी, तो अधिकारियों ने समाधान निकालने के बजाय उन्हें आंदोलन खत्म करने की चेतावनी दी। चालकों के अनुसार हमने यात्रियों की सुविधा के लिए अथॉरिटी से कंपनियों के साथ मध्यस्थता करने का अनुरोच किया था, लेकिन प्रशासन ने हमारी मदद करने के बजाय हमें ही ताकीद दी।

चालक संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि जिलाधिकारी की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में कंपनियों के सक्षम अधिकारी, टैक्सी चालकों का कहना है कि कंपनियों द्वारा कमीशन की दरें, बढ़ती ईचन की कीमते और एयरपोर्ट पर पार्किंग व पिकअप से जुड़ीं समस्याओं के कारण उनका जीवनयापन कठिन हो गया है। उपस्थित नहीं रहते हैं और उनकी मांगों पर न्यायोक्ति फैसला नहीं होता है, तो वे शहरव्यापी बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।


Weather Forecast

Advertisement

Live Cricket Score

Stock Market | Sensex

Advertisement