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मुंबई : यस बैंक घोटाले की जांच में लगे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बताया है कि बैंक के संस्थापक राणा कपूर और उनके परिवार के सदस्यों ने 100 से अधिक छोटी-छोटी कंपनियां बनाकर रकम को ट्रांसफर किया। इसके साथ ही राणा ने अपनी पत्नी के मालिकाने हक वाली कंपनी को 87 करोड़ रुपये बतौर गिफ्ट दे दिए। ईडी इन सभी कंपनियों का कच्चा-चिट्ठा खंगाल रही है। प्रवर्तन निदेशालय अब दिवालिया हो चुकी DHFL ग्रुप और यस बैंक के बीच 2018 में हुए लेन-देन के मनी लॉन्ड्रिंग के केस में जांच कर रही है। जांच में 5050 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग की बात निकलकर सामने आई। यह बात भी सामने आई कि पैसे और फंड को डायवर्ट करने के लिए कपूर फैमिली से जुड़ी कई कंपनियों का इस्तेमाल किया गया।

यस बैंक केस की सुनवाई कर रही स्पेशल पीएमएलए कोर्ट में प्रवर्तन निदेशालय ने बताया, 'अभी तक हुई जांच में 100 से भी अधिक कंपनियों का खुलासा हुआ, जिसका मालिकाना हक कपूर की फैमिली के पास था। इन सभी फर्म को राणा कपूर ही मैनेज कर रहा था। इन सभी कंपनियों का इस्तेमाल फंड को ट्रांसफर करने और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया जाता था।' ये सभी फर्म्स रियल एस्टेट, फैशन, ईको टूरिज्म से जुड़े हुए हैं।

इन कंपनियों में मुख्य तौर पर आरएबी इंटरप्राइजेज, मॉर्गन क्रेडिट्स प्राइवेट लिमिटेड, DOIT अर्बन वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं, जिन्हें ईडी की चार्जशीट में शामिल किया गया है। ईडी के अनुसार आरएबी इंटरप्राइजेज राणा कपूर की पत्नी बिंदु के मालिकाने हक में है। उनके पास आय का खुद कोई जरिया नहीं है लेकिन राणा ने 87 करोड़ रुपये उनके नाम पर रजिस्टर्ड कंपनी में ट्रांसफर किया था। ईडी के अनुसार राणा ने गिफ्ट के तौर पर अपनी पत्नी को यह रकम ट्रांसफर किया।

मार्च में आरबीआई ने यबस बैंक के अकाउंट्स से 50 हजार रुपये निकासी की सीमा तय की थी। इसके 3 दिन बाद 8 मार्च को ईडी ने बैंक के संस्थापक राणा कपूर को गिरफ्तार कर लिया था। निकासी की लिमिट हालांकि 10 दिनों बाद ही हटा ली गई थी। ED की जांच में यह भी सामने आया कि डीएचएफएल से 12 हजार करोड़ रुपये बेईमानी से निकाले गए।


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