पालघर : संतों की हत्या का मामला : और 5 आरोपी अरेस्ट
पालघर : पालघर के गडचिंचले गांव में16 अप्रैल को 2 संतों सहित 3 लोगों की हुई हत्या मामले में गुरुवार को और 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिसके बाद गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 115 पर पहुंच गई है. इनमें 9 आरोपी नाबालिग बताये जा रहे हैं. अभी भी इस मामले में करीब 300 आरोपी फरार हैं. बता दें कि पालघर के कासा पुलिस स्टेशन क्षेत्र अंतर्गत महाराष्ट्र और दादरा नगर हवेली बॉर्डर पर स्थित गडचिंचले गांव में 16 अप्रैल को दो संतों समेत 3 लोगों को पीट-पीट कर मौत के घाट उतार दिया गया था. इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया. संत समाज इस घटना को लेकर गुस्से में और लॉकडाउन ख़त्म होने बाद बड़े आन्दोलन की चेतवानी दे रहा है .
वहीं, यह घटना जिस प्रकार पुलिस की मौजूदगी में हुई उसे देखते हुए पुलिस की भूमिका भी पूरी तरह शक के घेरे में है.इस हत्या को लेकर पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लग रहे हैं. संत हत्याकांड को लेकर पुलिस प्रशासन की हो रही किरकिरी को देखते हुए पुलिस प्रशासन अब हरकत में नजर आ रहा है. इस घटना के बाद कासा पुलिस स्टेशन में तैनात जहां दो पुलिस अधिकारियो को निलंबित कर दिया गया था. वहीं इस हत्याकांड को लेकर मंगलवार को पुलिस स्टेशन में तैनात 35 पुलिस कर्मियों का तबादला करते हुए एक पुलिस अधिकारी और दो कांस्टेबल को और निलंबित कर दिया गया .
पालघर में हुई संतों की हत्या को लेकर पुलिस ने तीन एफआईआर दर्ज किया है. एफआईआर नंबर 77 – 2020 जिसमे संतों की हत्या को लेकर मामला दर्ज किया गया है ,दूसरा एफआईआर 76 – 2020 जिसमें पुलिस अधिकारियों, कर्मियों और संतों पर जानलेवा (अटैम टू मर्डर) का मामला दर्ज किया है, जबकि तीसरी एफआईआर में घटना के बाद सुबह आरोपियों को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस पर आरोपियों ने पत्थर से हमला कर दिया था,जबाब में पुलिस को दो राउंड फायरिंग करनी पड़ी थी. आरोपियों को एक मामले में 14 दिन की न्यायायिक हिरासत तो दूसरे मामले में 14 दिन की पुलिस रिमांड मिली है.
संत हत्याकांड में गिरफ्तार 101 आरोपियों का 30 अप्रैल को 14 दिन का पुलिस रिमांड ख़त्म होने के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को दहानू कोर्ट में पेश किया.कोर्ट ने एफआईआर 77 ( हत्या के मामले में ) सभी आरोपियों को आरोपियों को 14 दिन की न्यायायिक हिरासत का आदेश दिया. वही दुसरे एफआईआर – 76 अटैम टू मर्डर में फिर इन आरोपियों को 14 दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया .जबकि अभी तीसरे एफआईआर में पुलिस ने अभी तक कोर्ट में पेशा नहीं की है.बताया जा रहा कि अभी तक इस एफआईआर पर पुलिस अधिकारी का हस्ताक्षर नहीं हुआ है.अब इस मामले की जांच सीआईडी कर रही है.