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भिवंडी : जिलाधिकारी राजेश नार्वेकर के आदेश पर आईजीएम अस्पताल को कोरोना अस्पताल बना दिया गया है. आईजीएम अस्पताल में चलने वाली तमाम जरूरी सुविधाएं ओपीडी, प्रसूति केंद्र, बाल रुग्ण केंद्र सहित तमाम विभागों को शहर स्थित प्राइवेट अस्पताल सहित मनपा द्वारा संचालित स्वास्थ्य केंद्रों में ट्रांसफर कर दिया गया है.  गौरतलब है कि भिवंडी स्थित 100 बेड वाले आईजीएम अस्पताल को शासन द्वारा कोरोना अस्पताल बना दिया गया है. आईजीएम अस्पताल में होने वाली ओपीडी, जरूरी ऑपरेशन, इमरजेंसी, प्रसूति विभाग, बाल रुग्ण विभाग आदि को भिवंडी मनपा आयुक्त प्रवीण आष्टीकर के आदेश पर शहर स्थित प्राइवेट अस्पतालों में ट्रांसफर कर दिया है.

मनपा आयुक्त प्रवीण आष्टीकर द्वारा प्रदान की गई जानकारी के अनुसार, नवजात शिशुओं के उपचार की सुविधा द्रोण, लोट्स, गोरे आदि अस्पताल में मिलेगी. इमरजेंसी सहित अत्यावश्यक सेवाएं सिराज मेमोरियल में मुहैया कराई जाएगी. प्रसूति विभाग को आरेंज व ऑर्बिट अस्पताल में ट्रांसफर कर वरिष्ठ वैद्यकीय अधिकारी डा. विद्या शेट्टी को जिम्मेदारी सौंपी गई है. बाह्य रुग्ण विभाग (ओपीडी) हेतु नदी नाका स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व चौहान कालोनी स्थित गरीब नवाज सभागृह में  मरीजों को जरूरी सुविधाएं प्राप्त होंगी.

आईजीएम अस्पताल सीएमओ डॉ. अनिल थोरात ने बताया कि 100 बेड वाले अस्पताल में पहले से 4 वेंटीलेटर थे. शेष 4 वेंटीलेटर सपा विधायक रईस शेख द्वारा प्रदान किये जाने से वेंटीलेटर 8 हो गए हैं. डा. थोरात ने शहरवासियों से आह्वान किया है कि उपचार हेतु आईजीएम अस्पताल में आने वाले जरूरतमंद मरीज शासन द्वारा स्थानांतरित किए गए प्राइवेट अस्पतालों में जाकर इलाज कराएं. आईजीएम अस्पताल में सिर्फ कोरोना संक्रमित मरीजों का ही उपचार किया जाएगा.  भिवंडी में एक भी कोरोना संक्रमित नहीं पाए जाने के बावजूद मनपा प्रशासन, पुलिस प्रशासन द्वारा उठाए गए  तमाम एहतियात कदम से नागरिकों में खुशी व्याप्त है.


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