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मुंबई : बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री पंकजा मुंडे की पार्टी से नाराजगी अभी दूर नहीं हुई है। मुंडे ने अब पार्टी से अलग होने का भी संकेत दे दिया है। पंकजा मुंडे ने कहा है कि वह जनवरी में पूरे महाराष्ट्र में मशाल यात्रा निकालेंगी लेकिन यह यात्रा बीजेपी के झंडे तले नहीं होगी। इतना ही नहीं उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से यह भी कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है, मुख्यमंत्री उद्ध‌व ठाकरे मेरे भाई हैं। मुंडे ने दो टूक कहा कि अगर नेतृत्व चाहे तो उन्हें पार्टी से निकाल सकता है। पंकजा के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलें शुरू हो गई हैं। बीजेपी के दिवंगत नेता गोपीनाथ मुंडे की जयंती पर गुरुवार को उनकी बेटी पंकजा मुंडे यह भी ऐलान किया कि वह मराठवाडा की समस्याओं की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित कराने के लिए 27 जनवरी को औरंगाबाद में सांकेतिक अनशन करेंगी। उधर, गोपीनाथ मुंडे की समाधि पर आयोजित कार्यक्रम में बीजेपी के नाराज और असंतुष्ट नेताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। 

बीजेपी से असंतुष्ट नेताओं के भाषणों की गूंज महाराष्ट्र बीजेपी में देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ फैले असंतोष के खिलाफ पार्टी नेतृत्व को खुला संदेश समझा जा रहा है। अपने पिता की समाधि से पंकजा मुंडे ने पार्टी नेतृत्व को खुली चुनौती दी है कि नेतृत्व चाहे, तो उन्हें पार्टी से निकाल सकता है। देवेंद्र फडणवीस पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए बीजेपी के वरिष्ठ नेता एकनाथ खडसे ने कहा कि राज्य में पार्टी नेतृत्व में ईर्ष्या और द्वेष के लक्षण दिखते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी रोहिणी खडसे और पूर्व मंत्री पंकजा मुंडे को विधानसभा चुनाव के दौरान हराने के पीछे कोई साजिश थी। खडसे ने कहा, 'हमने कुछ लोगों पर भरोसा किया, लेकिन उन्होंने हमसे छल किया।' उन्होंने दावा किया कि विधानसभा चुनाव में उनकी जीत सुनिश्चित थी, लेकिन उन्हें टिकट नहीं दिया गया।


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