Latest News

मुंबई : मैटरनिटी ब्रेक पर चल रही एक इंजिनियर की नींद आधी रात 2:30 पर उस वक्त उड़ गई जब उन्हें अपने बैंक से एक ऑटोमेटेड कॉल आया जिससे उन्हें पता चला कि वह फ्रॉड का शिकार हो गई हैं। वह सो ही रही थीं कि उनके डेबिट कार्ड से कुछ ही मिनट में 56 ऑनलाइन ट्रांजैक्शन्स हो गए जिससे उनके 3.3 लाख रुपये उड़ गए। उन्होंने इसकी शिकायत कांजुरमार्ग पुलिस में की लेकिन अभी तक केस में कोई सफलता हाथ नहीं लगी है। 

महिला के पति ने बताया कि घटना दिवाली के कुछ दिन पहले हुई जिससे उनके परिवार में जश्न का माहौल फीका पड़ गया। उन्होंने बताया कि कार्ड से ट्रांजैक्शन इंटरनैशनली किए गए। उन्होंने दावा किया कि ट्रांजैक्शन के लिए कोई ओटीपी कॉल या मेसेज पर नहीं आया। दंपती ने कहा कि उन्होंने इससे पहले कभी डेबिट कार्ड का इस्तेमाल इंटरनैशनली नहीं किया था। हालांकि, उन्होंने कुछ डमेस्टिक वेबसाइट्स पर बेबी प्रॉडक्ट्स की शॉपिंग जरूर की थी। बीती 22 अक्टूबर को रात करीब 2:30 बजे इंजिनियन को बैंक से ऑटोमेटेड फोन आया जिसमें उनके कार्ड पर किए गए ट्रांजैक्शन्स की जानकारी का प्री-रिकॉर्डेड मेसेज था। कॉल पर बताया गया कि अगर उन्होंने यह ट्रांजैक्शन नहीं किए हैं तो वह कस्टमर केयर पर कॉल करें। उन्होंने कस्टमर केयर पर कॉल कर कार्ड ब्लॉक करा दिया।

इस बारे में साइबर एक्सपर्ट विकी शाह ने बताया है, 'ऐसा होने के कई कारण हो सकते हैं। हो सकता है कि उनका कार्ड क्लोन कर लिया गया हो। यह कोई कार्ड इंटरनैशनली इस्तेमाल होता है तो ओटीपी की जरूरत नहीं होती है। एक और संभावना यह है कि कार्ड डीटेल्स किसी को मिल गई हों। हाल ही में ऐसी रिपोर्ट्स थीं कि करीब 1.3 मिलियन कार्ड्स की डीटेल्स लीक हो गई थीं। इस मामले में पुलिस जांच कर रही है।'

शाह ने बताया, 'रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार अगर कोई ट्रांजैक्शन इंटरनैशनली होता है, तो बैंक को कार्ड होल्डर के अकाउंट में 10 दिन के अंदर वापस करना होगा।' इंजिनियर के पति ने ट्वीट कर बताया कि बैंक ने एक हफ्ते के बाद ही शिकायत पर ध्यान दिया। उन्होंने कहा, 'बैंक के प्रतिनिधियों को शक होना चाहिए था जब इतनी सुबह इतने सारे ट्रांजैक्शन्स हिए। उन्हें ट्रांजैक्शन अप्रूव करने से पहले हमें कॉल करना चाहिए था।


Weather Forecast

Advertisement

Live Cricket Score

Stock Market | Sensex

Advertisement