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मुंबई : 10 दिन तक विराजित रहने के बाद गणपति के विसर्जन की तैयारी शुरू हो गई है। अनंत चतुर्दशी के मौके पर मुंबईकरों ने बप्पा को विदाई देने के लिए भव्य इंतजाम किए हैं। सुबह से ही गाजे-बाजे और धूमधाम के साथ लोग गणपति बप्पा की मूर्तियां लेकर विसर्जन के लिए निकल रहे हैं। इस मौके पर किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए प्रशासन भी पूरी तरह से मुस्तैद है। चप्पे-चप्पे की निगरानी के लिए ड्रोन की भी मदद ली जा रही है। 

रंगोली के साथ गणपति को विदाईः पुणे के समाधान चौक पर गणपति को भव्य विदाई देने के लिए लोगों ने सुंदर रंगोली बनाई है। लालबागचा राजा में आरतीः मुंबई में लालबागचा राजा में विसर्जन की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। विसर्जन से पहले गणपति की अंतिम आरती की जा रही है। बता दें कि लालबागचा राजा के पंडाल को इस बार चंद्रयान 2 की थीम पर सजाया गया था। 

गणेश विसर्जन के आखिरी दिन के लिए मुंबई के चप्पे-चप्पे पर निगरानी की व्यवस्था है। इसके लिए पुलिस ने खास इंतजाम किए हैं। गुरुवार को शहर में 50 हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे और प्रमुख यात्रा मार्गों की निगरानी ड्रोन से की जाएगी। मुंबई में गणपति विसर्जन के लिए 129 स्थानों पर बप्पा की प्रतिमाओं को विसर्जित करने की व्यवस्था की गई है। इनमें गिरगांव चौपाटी, शिवाजी पार्क, जूहू बीच, अक्सा बीच और वर्सोवा बीच शामिल हैं। इस दौरान प्रमुख विसर्जन स्थलों पर उमड़ने वाले लाखों मुंबईवासियों के शामिल होने की संभावना है। प्रशासन का कहना है कि भीड़ प्रबंधन के लिए उचित कदम उठाए जा रहे हैं।

राज्य रिजर्व पुलिस बल (एसआरपीएफ), दंगा नियंत्रण दस्ता, संदिग्ध चीजों का पता लगाने और निष्क्रिय करने के लिए BDDS, QRT और डॉग स्क्वैड के अलावा खुफिया एजेंसियों को भी तैनात किया जाएगा। इस दौरान प्रतिमा विसर्जन के दौरान सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी भी मौजूद रहेंगे। भीड़ पर निगरानी रखने के लिए 5 हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरों के जरिए पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जाएगी।

किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में डॉक्टरों और फायर ब्रिगेड के लोगों को तैयार रखा गया है। पर्यावरण संरक्षण को देखते हुए बीएमसी ने मुंबई में 34 कृत्रिम तालाब भी बनाए हैं। वहीं, तटों पर गंदगी को रोकने के लिए विभिन्न तरह के कलश भी रखे गए हैं। मुंबई में गणपति उत्सव सबसे बड़े त्योहार में से एक है। हर साल हजारों की संख्या में सार्वजनिक स्थलों तथा लोगों के घरों में गणपति की प्रतिमा स्थापित की जाती है। इस साल शहर में कुल 7 हजार 703 सार्वजनिक गणपति पंडालों की स्थापना हुई थी। ऐसे में इनके विसर्जन के लिए 129 विसर्जन स्थल बनाए गए हैं। मुंबई पुलिस के अनुसार, विसर्जन के दौरान 53 मार्गों को यातायात के लिए बंद कर दिया जाएगा। 56 मार्गों में वन-वे ट्रैफिक रहेगा। भारी वाहन के लिए 18 मार्गों पर रोक रहेगी और 99 स्थानों पर पार्किंग की इजाजत नहीं होगी।

गणपति विसर्जन के दौरान चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाकर्मी मुस्तैद रहेंगे। इसके लिए तकरीबन 50 हजार पुलिस के जवान, तीन हजार ट्रैफिक पुलिसकर्मी, एनएसएस के 900 स्वयंसेवक, एनसीसी के 400 कैडेट, 300 स्काउट गाइड और 400 जलरक्षक दल के जवान तैनात रहेंगे। इसके अलावा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 70 ऐंबुलेंसों के भी इंतजाम किए गए हैं। सेंट्रल रेलवे ने भायखला, ऑर्थर रोड और जुहू तारा रोड के रेलवे ओवर ब्रिजों को भारी वाहनों की दृष्टि से खतरनाक घोषित किया है। भारी वाहनों के इन ब्रिजों से गुजरने पर रोक लगा दी गई है। मुंबई पुलिस के अनुसार, अगर विजर्सन के दौरान इन ब्रिजों पर कोई अप्रिय घटना हुई, तो इसके लिए गणेश पंडाल के सदस्य जिम्मेदार होंगे।


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