फर्जी कंपनियों के नाम पर बैंकों से लोन लेने वाला गिरोह पकड़ा, ये था तरीका
फर्जी कंपनी खोलकर बैंकों से धोखाधड़ी करके लोन लेने वाले एक गिरोह के चार लोगों को पश्चिमी उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने बुधवार को गिरफ्तार किया है।
पश्चिमी यूपी एसटीएफ के पुलिस उपाधीक्षक राजकुमार मिश्रा ने बताया कि एक सूचना के आधार पर पुलिस ने मनोज ठाकुर, संजय ठाकुर, अमनेश ठाकुर और अजीत शर्मा को गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि अजीत शर्मा बिहार के मुजफ्फरपुर का रहने वाला है जबकि बाकी तीनो सीतामढ़ी जिले के रहने वाले हैं।
उन्होंने बताया कि उनके पास से 60 हजार नेपाली करेंसी, एक नेपाली पासपोर्ट, दो नेपाली नागरिकता प्रमाणपत्र, 42 पैन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर कार्ड, एटीएम/डेबिट कार्ड, 4 गाड़ियां, 26 डाटा कार्ड, सहित भारी मात्रा में महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
सीओ ने बताया कि पूछताछ के दौरान पता चला है कि ये लोग पहले एक फर्जी कंपनी बनाकर उसमें कूट रचित दस्तावेज का इस्तेमाल करके फर्जी कर्मचारी रखते थे, तथा कुछ समय सैलरी रोटेट करने के बाद कर्मचारी के नाम पर ही पर्सनल लोन, कार लोन लेते थे और फिर पैसे लेकर फरार हो जाते थे।
उन्होंने बताया कि अब तक इन लोगों ने आईसीआईसी बैंक से दो करोड़ और सिटी बैंक से 10 लाख का फर्जी लोन लेना स्वीकार किया है। उन्होंने बताया कि इनके विभिन्न बैंकों में 22 लाख रुपये थे, जिसे फ्रीज कर दिया गया है। पूछताछ के दौरान पता चला है कि इन लोगों ने अब तक कई बैंकों से फर्जी तरीके से करोड़ों का लोन लिया है। उसकी विस्तृत जांच की जा रही है।